पुणे , नवंबर 03 -- महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को कहा कि 23 किमी लंबे हिंजेवाड़ी-शिवाजीनगर मेट्रो कॉरिडोर में 23 स्टेशन हैं, जो पुणे में यातायात जाम कम करने और यात्रा समय कम करने में मदद करेंगे।

श्री फडणवीस ने मेट्रो कॉरिडोर का उद्घाटन करने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि यह परियोजना देश की पहली मेट्रो लाइन है जिसे सार्वजनिक-निजी साझेदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत मंज़ूरी मिली है। लागू करने के दौरान कई चुनौतियों और मुश्किलों का सामना करने के बावजूद कॉरिडोर आखिरकार चालू हो गया है, जिससे यात्रियों को राहत मिली है।

उन्होंने महिलाओं के सशक्तिकरण पर परियोजना के फोकस पर ज़ोर देते हुए कहा कि पिंक लाइन के लिए लगभग 100 महिलाओं को लोको पायलट के तौर पर प्रशिक्षण दिया गया है। कॉरिडोर पर तैनात कार्यबल में लगभग 50 प्रतिशत महिलाएं हैं। उन्होंने कहा कि परियोजना के क्रियान्वयन और संचालन के दौरान महिलाओं ने इंजीनियरिंग के अहम पदों पर भी काम किया।

श्री फडणवीस ने कहा कि पुणे मेट्रो के फेज़ द्वितीय का शिलान्यास किया गया, जिससे पूरे शहर में कनेक्टिविटी और बढ़ेगी। एक बार सभी प्रस्तावित कॉरिडोर पूरे हो जाने के बाद पुणे में लगभग 120 किमी का मेट्रो नेटवर्क होने की उम्मीद है, जिसमें पुरंदर तक कनेक्टिविटी की योजना है।

उन्होंने कहा कि महायुति सरकार पुणे, पिंपरी-चिंचवाड़ और पीएमआरडीए क्षेत्र को कवर करते हुए एक एकीकृत विकास योजना पर काम कर रही है। उन्होंने पीएमआर विकास केन्द्र के लिए 5,000 करोड़ रुपये की वित्तीय मदद की घोषणा करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी धन्यवाद दिया, और कहा कि यह फंड क्षेत्र में आगे के बुनियादी विकास में मदद करेगा।

मुख्यमंत्री ने दिवाली से पहले किसानों को 5,000 रुपये की अग्रिम मदद देने के सरकार के फैसले पर विपक्ष की आलोचना का जवाब देते हुए कहा कि जो लोग महंगी कारों में घूमने और बड़े घरों में रहने के आदी हैं, वे शायद इस रकम की अहमियत न समझें, लेकिन किसान निश्चित रूप से समझेंगे। उन्होंने साफ किया कि 5,000 रुपये अग्रिम मदद थी, न कि मौजूदा मुश्किलों से प्रभावित किसानों के लिए आखिरी राहत पैकेज। उन्होंने कहा कि सरकार उन्हें मदद देती रहेगी।

श्री फडणवीस ने कहा, "अगर हम किसानों की मदद का इतिहास देखें, तो महायुति सरकार ने किसानों को सबसे ज़्यादा मदद दी है। पिछली सरकार ने बिना पूरी राहत दिए सिर्फ़ भरोसा दिया। विपक्ष चाहे कुछ भी कहे, हम किसानों की मदद करते रहेंगे।"उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने भी महाराष्ट्र के परेशान किसानों को मदद का भरोसा दिया है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की मिली-जुली मदद से किसानों को इस मुश्किल से उबरने और अपनी रोज़ी-रोटी फिर से शुरू करने में मदद मिलेगी।

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