तेहरान , अप्रैल 28 -- ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने रूस के साथ ईरान की रणनीतिक साझेदारी की बढ़ती गहराई को रेखांकित करते हुए कहा कि ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हमले के बाद क्षेत्रीय उथल-पुथल ने दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों की मजबूती को उजागर किया है।

श्री अराघची ने सेंट पीटर्सबर्ग में उच्चस्तरीय बैठकों के बाद कहा कि क्षेत्र बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है और ऐसे समय में रूस के साथ सर्वोच्च स्तर पर संवाद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि हालिया घटनाक्रमों ने दोनों देशों के संबंधों की शक्ति को प्रमाणित किया है।

श्री अराघची ने रूस के समर्थन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जैसे-जैसे सहयोग का विस्तार हो रहा है, ईरान कूटनीतिक प्रयासों में रूस की एकजुटता का स्वागत करता है। उनकी यह टिप्पणी रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ हुई बैठकों के बाद आई।

पुतिन ने ईरानी जनता की संप्रभुता की रक्षा के लिए उनके "साहसिक और वीरतापूर्ण" प्रयासों की सराहना की और विश्वास जताया कि क्षेत्र में स्थिरता लौटेगी।

उन्होंने कहा कि रूस ईरान और अन्य क्षेत्रीय देशों के हितों की सुरक्षा तथा शांति बहाली के लिए आवश्यक कदम उठाएगा। श्री लावरोव ने श्री अराघची के साथ अपनी वार्ता को उपयोगी बताया।

श्री अराघची ने अपने क्षेत्रीय दौरे के अंतिम चरण में दोहराया कि ईरान-रूस के बीच संबंध आगे भी और मजबूत होंगे तथा इसे उन्होंने "रणनीतिक साझेदारी" बताया।

उन्होंने अमेरिका और इजरायल पर "अकारण आक्रामक युद्ध" का आरोप लगाते हुए कुछ देशों की चुप्पी की आलोचना की।

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