नैनीताल , जून 11 -- उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने हल्द्वानी के हाथीखाल-गोजाजाली क्षेत्र में अंडरपास निर्माण को लेकर दायर जनहित याचिका पर गुरुवार को सुनवाई करते हुए रेलवे द्वारा दाखिल शपथपत्र पर याचिकाकर्ता को दो सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही राज्य सरकार से भी इस मामले में अपना पक्ष प्रस्तुत करने को कहा है।

मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई की। मामले में अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद होगी।

इस मामले को ग्राम हाथीखाल, गोजाजाली निवासी एवं पूर्व ग्राम प्रधान सुरेश चन्द्र जोशी द्वारा चुनौती दी गई है। याचिका में कहा गया है कि फ्लाईओवर निर्माण और रेलवे क्रॉसिंग से जुड़े लिंक मार्ग के बंद होने के बाद गोजाजाली दक्षिण और हथियाल ग्राम सभा के लोगों को रोजमर्रा के आवागमन में अत्यधिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

याचिकाकर्ता का कहना है कि रेलवे क्रॉसिंग से बरेली रोड को जोड़ने वाला मार्ग बंद होने के कारण किसानों को खेतों तक जाने, सिंचाई के लिए पानी ले जाने में दिक्कत हो रही है। इसके अलावा स्कूली बच्चों, मरीजों और स्थानीय निवासियों को बाजार एवं अन्य स्थानों तक पहुंचने के लिए लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा है।

याचिका में यह भी कहा गया है कि ग्रामीणों ने समय-समय पर रेलवे अधिकारियों और जिला प्रशासन को ज्ञापन देकर समस्या से अवगत कराया, लेकिन समाधान नहीं हो सका। ग्रामीणों की मांग है कि रेलवे क्रॉसिंग से बरेली रोड तक आवागमन की व्यवस्था पूर्व की तरह बहाल की जाए अथवा अंडरपास का निर्माण कराया जाए।

याचिकाकर्ता ने अदालत को बताया कि रेलवे ने 11 दिसंबर 2023 को अंडरपास निर्माण की प्रक्रिया शुरू करने के लिए टेंडर भी स्वीकृत कर दिए थे, लेकिन इसके बावजूद अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है।

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