पंचकूला , अगस्त 17 -- हरियाणा लोक निर्माण विभाग (भवन एवं सड़कें) ने राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर सड़क दुर्घटनाओं को रोकने तथा यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए राज्यव्यापी सड़क सुरक्षा कार्ययोजना लागू की है। इसके तहत हाईवे के उन संवेदनशील हिस्सों की पहचान की गई है, जहां आवारा पशुओं और अन्य जानवरों के सड़क पर आने से दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है।

विभाग ने ऐसे स्थानों पर पशुओं के सड़क पर आने के स्थानीय और व्यावसायिक कारणों की भी पहचान की है। इसके आधार पर इंजीनियरिंग पर्यवेक्षकों, कनिष्ठ अभियंताओं और रोड मेट्स की टीमों को नियमित गश्त और निगरानी के लिए लगाया गया है। टीमें सड़क पर आने वाले पशुओं को हटाने के साथ-साथ स्थानीय निकायों के साथ मिलकर कचरा प्रबंधन के उपाय भी करेंगी।

विभाग के आकलन के अनुसार सड़क किनारे होटल-ढाबे, फल-सब्जी की रेहड़ियां, खुले में कचरा, तालाब एवं अन्य जलस्रोत, पशु बाड़े और पशु चारा की दुकानें ऐसे प्रमुख कारण हैं, जिनसे पशु राजमार्गों की ओर आकर्षित होते हैं।

गुरुग्राम-अलवर हाईवे (एनएच -248ए) पर नूंह क्षेत्र में कई संवेदनशील स्थान चिन्हित किए गए हैं। नूंह शहर में किलोमीटर 44.50 से 46.00 के बीच फल की रेहड़ियों और बिरयानी की दुकानों के आसपास आवारा पशु और कुत्ते एकत्र होते हैं। किलोमीटर 62.90 से 63.50 के बीच सड़क किनारे गांव का तालाब, किलोमीटर 81.60 से 82.20 के बीच फिरोजपुर झिरका सब्जी मंडी तथा दोहा चौक पर स्थानीय दुकानों से निकलने वाला कचरा पशुओं के सड़क पर आने का कारण बन रहा है।

इसी प्रकार रोहतक-भिवानी-लोहारू हाईवे (एनएच -709ई) पर लाहली में पशु बाड़ों और चारा दुकानों, कलानौर में सब्जी मंडी, होटलों और फल-सब्जी की दुकानों तथा भिवानी में सब्जी मंडी, चारा दुकानों और पशु बाड़ों के आसपास संवेदनशील स्थानों की पहचान की गई है। लोहारनी, जुई, ढिगावा और लोहारू के हिस्सों को भी निगरानी के दायरे में लिया गया है।

भिवानी-दादरी हाईवे (एनएच-148बी) के अलावा भिवानी और चरखी दादरी क्षेत्रों में गोहाना-लाखन माजरा-मेहम-भिवानी रोड, दादरी-बौंद रोड और दादरी-चिरिया रोड के संवेदनशील हिस्सों पर भी नियमित गश्त की व्यवस्था की गई है।

प्रदेश के उत्तरी हिस्से में अंबाला, यमुनानगर और पंचकूला के महत्वपूर्ण मार्गों पर भी निगरानी बढ़ाई गई है। इनमें एसएच -1, एसएच -4, पिंजौर बाईपास और पिंजौर-बद्दी-नालागढ़ रोड शामिल हैं। शाहाबाद-बराड़ा-काला आंब रोड की पूरी 30.40 किलोमीटर लंबाई को भी निगरानी नेटवर्क में शामिल किया गया है।

इसी तरह रोहतक, सोनीपत, रेवाड़ी, हिसार, सिरसा, कैथल, करनाल और झज्जर जिलों में भी चिन्हित संवेदनशील हिस्सों पर सड़क सुरक्षा टीमें तैनात की गई हैं। इन क्षेत्रों में विभिन्न राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर नियमित निगरानी और गश्त की जाएगी।

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