नयी दिल्ली , अप्रैल 06 -- छत्तीसगढ़ के चर्चित राम अवतार जग्गी हत्याकांड में उच्च न्यायालय से उम्रकैद की सजा सुनाए जाने के बाद अमित जोगी ने सोमवार को उच्चतम न्यायालय के समक्ष राहत की गुहार लगायी। न्यायालय ने उनके मामले की सुनवाई के लिए 20 अप्रैल की तारीख तय की है।

श्री जोगी ने बाद में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा "आज मैं न्याय के मंदिर में गुहार लेकर आया हूं। मेरे साथ जो गंभीर अन्याय हुआ है, उसे मैंने माननीय न्यायालय के समक्ष रखा है।" उन्होंने दावा किया कि उच्च न्यायालय ने उनके विरुद्ध सीबीआई की 'लीव टू अपील' को बिना उनका पक्ष सुने स्वीकार कर लिया था, जो प्राकृतिक न्याय के मौलिक सिद्धांतों के खिलाफ है।

उन्होंने बताया कि उच्चतम न्यायालय में उनके मामले की पैरवी सर्वश्री कपिल सिब्बल, मुकुल रोहतगी, विवेक तन्खा और सिद्धार्थ दवे ने की। अधिवक्ताओं ने दलील दी कि निचली अदालत द्वारा 2007 में बरी किए जाने के फैसले को पलटने से पहले उच्च न्यायालय ने श्री जोगी के पक्ष को गंभीरता से नहीं लिया ।

श्री जोगी ने यह भी कहा कि उच्चतम न्यायालय में उच्च न्यायालय के 25 मार्च और 02 अप्रैल के आदेशों पर 20 अप्रैल को विस्तृत सुनवाई होगी।

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