रांची , सितंबर 15 -- झारखंड हाईकोर्ट में मंगलवार को राज्य सरकार के जेपीएससी-जेएसएससी सहित अन्य परीक्षाओं को रद्द करने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई हुई।
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने मामले में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने के लिए समय देने का आग्रह किया। हाईकोर्ट ने सरकार को केवल 48 घंटे का समय देते हुए मामले की अगली सुनवाई 18 सितंबर को निर्धारित की है।
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि वह मामले में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करना चाहती है। महाधिवक्ता ने कोर्ट में सीलबंद लिफाफे में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने की बात कही। सरकार की ओर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पक्ष रख रहीं वरीय अधिवक्ता मीनाक्षी अरोड़ा ने रिपोर्ट दाखिल करने के लिए चार सप्ताह का समय मांगा।
इस पर हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि मामले में सरकार को इतना अधिक समय नहीं दिया जा सकता। कोर्ट ने कहा कि सरकार को रिपोर्ट दाखिल करने के लिए केवल 48 घंटे का समय दिया जा सकता है। इसके बाद मामले की सुनवाई 18 सितंबर को होगी।
हाईकोर्ट के जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने इस नियुक्ति को रद्द किये जाने को चुनौती देने वाली आकाश गौरव एवं अन्य, निरोज एवं अन्य सहित अलग-अलग कई याचिकाओ पर सुनवाई की।
परीक्षाओं को रद्द किए जाने के सरकार के फैसले के खिलाफ दायर याचिकाओं में प्रार्थियों की ओर से पूर्व महाधिवक्ता राजीव रंजन ने पक्ष रखा। वहीं, राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता रोहितश्य रॉय ने अदालत के समक्ष अपना पक्ष रखा।
हस्तक्षेपकर्ता की ओर से अधिवक्ता कुमार हर्ष और अधिवक्ता सुभाषिष रसिक सोरेन ने पैरवी की।
मामला झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं की निष्पक्षता और उनमें कथित अनियमितताओं से जुड़ा है।
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