नैनीताल , जनवरी 21 -- उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने राजकीय इंटर कॉलेजों में कार्यरत सहायक अध्यापक एलटी ग्रेड के प्रोन्नत वेतनमान के पुनर्निर्धारण के शासन के 18 दिसंबर 2025 के आदेश पर फिलहाल रोक लगा दी है।

अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 27 अप्रैल की तिथि नियत करते हुए सरकार को जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।

न्यायमूर्ति आलोक महरा की अवकाशकालीन खंडपीठ के समक्ष इस मामले में मंगलवार को को सुनवाई हुई। याची सेवक सिंह, गोपाल दत्त पन्त, प्रमोद कुमार, धरम राम आर्य, प्यारे लाल साह और अन्य प्रवक्ताओं ने हाईकोर्ट में याचिकाएं दाखिल कर सरकारी सेवक वेतन नियमावली प्रथम संशोधन 2025 एवं वित्त सचिव की ओर से प्रोन्नत वेतनमान का पुनर्निर्धारण करने के संबंध में 18 दिसंबर 2025 को जारी आदेश को चुनौती दी थी। याचिका में कहा गया कि प्रवक्ताओं और सहायक अध्यापक एलटी ग्रेड को 2026 की सरकारी सेवक वेतन नियमावली 2016 के अनुसार प्रोन्नत वेतनमान देते समय एक वेतन वृद्धि (इंक्रीमेंट) देय है लेकिन राज्य सरकार की ओर से उस नियमावली में संशोधन कर सरकारी सेवक वेतन नियमावली प्रथम संशोधन 2025 का प्राख्यापन करते हुए इसे एक जनवरी 2016 से लागू कर दिया। जिसके अनुसार अब चयन/प्रोन्नत वेतनमान के समय प्रदत्त एक वेतन वृद्धि (इंक्रीमेंट) को समाप्त कर दिया गया है। वित्त सचिव द्वारा प्रोन्नत वेतनमान का पुनर्निर्धारण, संशोधित नियमावली 2025 के अनुसार करने के आदेश दिये गये हैं।

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