नैनीताल , अप्रैल 28 -- उत्तराखंड के नैनीताल और भवाली क्षेत्र में 100 मीटर मानक का उल्लंघन कर खोली गई मदिरा दुकानों के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने याचिकाकर्ता से दो सप्ताह के भीतर अतिरिक्त शपथपत्र दाखिल करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई भी दो सप्ताह बाद निर्धारित की गई है।

मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ में सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि सभी मदिरा दुकानें आबकारी नियमों के तहत ही खोली गई हैं और जांच में वे 100 मीटर की सीमा से बाहर पाई गई हैं।

हालांकि याचिकाकर्ता पवन जाटव का कहना है कि निरीक्षण के दौरान उन्हें शामिल नहीं किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि नैनीताल और भवाली में कई स्थानों पर नियमों के विपरीत देशी-विदेशी शराब की दुकानें और बार संचालित किए जा रहे हैं।

याचिका में उल्लेख किया गया है कि 2008 और 2020 की नियमावली के अनुसार किसी भी मदिरा दुकान को स्कूल, कॉलेज, मंदिर, गुरुद्वारा, चर्च या मस्जिद से 100 मीटर के दायरे के बाहर होना अनिवार्य है, जिसकी गणना संस्थान के मुख्य द्वार से की जानी चाहिए।

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