नैनीताल , अक्टूबर 14 -- उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने गंगनहर के किनारे अतिक्रमण के मामले में बुधवार को सुनवाई करते हुए हरिद्वार के जिलाधिकारी को तीन माह में विधि सम्मत कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
इस मामले को रुड़की निवासी संदीप शर्मा की ओर से चुनौती दी गई है। मामले की सुनवाई बुधवार को कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ में हुई।
याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि हरिद्वार के रुड़की में गंग नहर के दोनों किनारों और नहर के ऊपर अतिक्रमणकारियों की ओर से दुकान और आवासीय मकान बना लिए गए हैं। यही नहीं सब्जियों की रेहड़ियां भी लगायी जा रही हैं। इससे नहर से सटे रास्तों पर जाम लग रहा है। इसके परिणामस्वरूप कभी भी कोई अप्रिय घटना हो सकती है।
याचिकाकर्ता ने अदालत से अतिक्रमण हटाने के लिए जिला प्रशासन को निर्देशित करने की मांग की। यह भी कहा गया कि संबंधित विभागों को प्रत्यावेदन भी दिया गया लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि नहर की देखरेख उत्तर प्रदेश का सिंचाई महकमा करता है। सिंचाई विभाग को इस संबंध में प्रत्यावेदन दिया गया लेकिन अधिशासी अभियंता की ओर से कहा गया कि पर्याप्त पुलिस बल उपलब्ध नहीं होने के चलते अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई है।
अंत में खंडपीठ ने हरिद्वार के जिलाधिकारी को निर्देश दिए कि याचिकाकर्ता के प्रत्यावेदन पर तीन माह में विधि अनुसार कार्रवाई करें। इसी के साथ खंडपीठ ने याचिका को निस्तारित कर दिया।
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