नैनीताल , सितंबर 17 -- उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने प्रदेश में ईंट भट्ठों पर काम करने वाले मजदूरों के अधिकारों और उनके पुनर्वास से जुड़े एक बेहद गंभीर मामले में गुरुवार को सुनवाई करते हुए राज्य सरकार से जबाव दाखिल करने को कहा है।

मुख्य न्यायाधीश की अगुवाई वाली खंडपीठ ने राज्य के गृह सचिव को व्यक्तिगत रूप से शपथ पत्र दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।

अदालत ने सरकार से स्पष्ट रूप से पूछा है कि बंधुआ मजदूरी से मुक्त कराए गए श्रमिकों के पुनर्वास के लिए अभी तक कानून के तहत क्या ठोस कदम उठाए गए हैं, क्या इसके लिए कमेटियों का गठन किया गया है और उनके अधिकारों के संरक्षण के लिए क्या कार्रवाई की गई है।

इस मामले की अगली सुनवाई के लिए तीन सप्ताह बाद की तिथि तय की गई है। इस मामले को अनिल कुमार की ओर से जनहित याचिका के माध्यम से चुनौती दी गई है जिसमें आरोप लगाया गया कि ईंट भट्ठों पर मजदूरों को बंधुआ बनाकर काम कराया जा रहा है और उन्हें नियमानुसार मिलने वाले कानूनी लाभों से वंचित रखा जा रहा है।

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