चंपावत , सितंबर 07 -- उत्तराखंड उच्च न्यायालय की सख्ती के चलते प्रदेश सरकार की ओर से संचालित "नंदा गौरा योजना" के लिए पात्र लाभार्थियों से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए जा रहे हैं। चंपावत जिले में भी आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।
चंपावत के जिला कार्यक्रम अधिकारी पीसी बृजवाल ने बताया कि इस योजना का लाभ एक परिवार की अधिकतम दो जीवित पात्र बालिकाएं प्राप्त कर सकती हैं। योजना के तहत कन्या शिशु के जन्म पर 11 हजार रुपये की धनराशि दी जाती है, जबकि 12वीं कक्षा उत्तीर्ण कर स्नातक या डिप्लोमा पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने वाली अविवाहित बालिकाओं को 51 हजार रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।
उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में जन्मे पात्र शिशुओं के अभिभावक विभागीय पोर्टल डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू.नंदागौरायूके.इन पर आवेदन कर सकते हैं, जिसके लिए बालिका के जन्म से छह माह के भीतर ऑनलाइन आवेदन करना अनिवार्य है। वहीं वित्तीय वर्ष 2026-27 में 12वीं पास कर किसी शासकीय मान्यता प्राप्त संस्थान से स्नातक अथवा न्यूनतम एक वर्ष के डिप्लोमा कोर्स में प्रवेश लेने वाली पात्र बालिकाएं 30 नवंबर 2026 तक पोर्टल पर आवेदन कर सकती हैं।
जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि योजना की अनिवार्य अर्हताओं और अद्यतन दिशा-निर्देशों से संबंधित संपूर्ण शासनादेश पोर्टल तथा विभागीय वेबसाइट पर उपलब्ध हैं। उन्होंने सभी पात्र लाभार्थियों एवं अभिभावकों से समय रहते पोर्टल पर आवेदन पूर्ण करने की अपील की है। अतिरिक्त जानकारी या सहायता के लिए जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय अथवा बाल विकास परियोजना कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है।
उल्लेखनीय है कि नंदा गौरा योजना के तहत पात्र बच्चियों को लाभ नहीं मिलने से इस प्रकरण को उच्च न्यायालय में चुनौती दी गई है। उच्च न्यायालय ने सख्ती दिखाते हुए सुनवाई के दौरान कहा कि यदि योजना के लिए धन नहीं है तो सरकार को इसे बंद कर देना चाहिए।
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