जींद , जुलाई 17 -- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का शुभारंभ करते हुए शुक्रवार को कहा कि जिस तरह देश की पहली ट्रेन के साथ मुंबई का नाम जुड़ा है, वैसे ही इस आधुनिक रेलगाड़ी के साथ जींद का नाम इतिहास के पन्नों में दर्ज हो जाएगा।
श्री मोदी ने यहां जींद जंक्शन पर ट्रेन को हरी झंडी दिखाने के बाद कई विकास परियोजनाओं का भी शिलान्यास किया।
उन्होंने इस अवसर पर लोगों को संबोधित करते हुए कहा, " जींद कोई साधारण धरती नहीं है। यह वीरता और गौरव की धरती है। मेरे लिए जींद आना पुरानी यादों का झरोखा खोलने के जैसा है। कई दशक पहले मैं संगठन के काम से जींद आया था। आप लोगों ने मुझे जो अपनत्व दिया, प्रेम दिया, वह मैं भूला नहीं हूं। मुर्रा भैंस का दूध-दही और घेवर वे यादें हैं जो भूली नहीं जातीं। "उन्होंने कहा, " इतने सालों में जींद का घेवर तो नहीं बदला, लेकिन तेवर जरूर बदल गये हैं। आज जींद भाजपा के सुशासन का मॉडल बन रहा है। बीते वर्षों में पूरा हरियाणा विकास के रास्ते पर चल पड़ा है।"श्री मोदी ने कहा, " आज यहां से देश को पहली हाइड्रोजन ट्रेन मिली है। जींद का नाम इतिहास के पृष्ठों में दर्ज हो गया है। हम पढ़ते हैं कि भारत में पहली ट्रेन बॉम्बे से ठाणे के बीच चली थी। वैसे ही भविष्य में हाइड्रोजन ट्रेन का ज़िक्र आएगा, तो जींद, सोनीपत, हरियाणा का नाम भी आयेगा ही आयेगा।"उल्लेखनीय है कि यह ट्रेन जींद से सोनीपत तक 89 किलोमीटर का सफर तय करेगी। इस दौरान यह ट्रेन जींद सिटी, पांडु पिंडारा जंक्शन, ललित खेड़ा, भांबेव, ईसापुर खेड़ी, बुटाना, खंडराई, गोहाना जंक्शन, राबरह, लठ, मोहाना हरियाणा और बड़वासनी से होकर गुज़रेगी।
श्री मोदी ने भारतीय रेल की आधुनिकता से जुड़े इस बड़े कदम के लिए जींदवासियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस अवसर पर 14000 करोड़ रुपये से अधिक की अन्य परियोजनाएं भी हरियाणा को मिली हैं। इसमें दो मेडिकल कॉलेज भी शामिल हैं।
उन्होंने हरियाणा के लोगों की सराहना करते हुए कहा कि स्वच्छता अभियान में लोग जिस नयी ऊर्जा से जुटे हैं, वह दिल खुश करने वाला है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार रेलवे के विकास के लिए इसी तरह प्रतिबद्ध है।
उल्लेखनीय है कि जींद और सोनीपत के बीच चलने वाली इस पैसेंजर ट्रेन में 2600 लोग तक सफ़र कर सकेंगे। भारत में डिजाइन एवं विनिर्मित यह ट्रेन घरेलू तकनीक से तैयार की गयी है।
ट्रेन की अधिकतम रफ्तार 75 किलोमीटर प्रति घंटा है, जबकि इसका डिजाइन 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार तक के लिए तैयार किया गया है।
इस ट्रेन के शुभारंभ के साथ भारत उन चुनिंदा देशों की सूची में शामिल हो गया है, जो हाइड्रोजन ट्रेनों का संचालन करते हैं। इनमें जर्मनी, जापान, चीन और अमेरिका शामिल हैं।
रेल मंत्रालय के अनुसार, 10 डिब्बों वाली यह ट्रेन हाइड्रोजन और ऑक्सीजन की रासायनिक प्रक्रिया से बिजली पैदा कर संचालित होती है तथा इससे केवल जलवाष्प का उत्सर्जन होता है।
यह ट्रेन भारत के नेट जीरो उत्सर्जन के लक्ष्य को पाने और जीवाश्म ईंधन कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
इस अवसर पर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी मौजूद रहे।
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