रायपुर , मई 29 -- छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने केंद्र एवं राज्य सरकार पर हसदेव अरण्य क्षेत्र में प्रस्तावित कोयला खनन परियोजना, जनगणना के आंकड़ों में कथित हस्तक्षेप, कानून-व्यवस्था की स्थिति तथा मीसा बंदियों के परिजनों को पेंशन देने के निर्णय को लेकर तीखा हमला बोला।
श्री बैज ने शुक्रवार को पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने केते एक्सटेंशन कोल परियोजना को मंजूरी दे दी है, जिसके तहत हसदेव अरण्य क्षेत्र के लगभग 1742 हेक्टेयर सघन वन क्षेत्र में खनन किया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि इस परियोजना के लिए सात लाख से अधिक पेड़ों की कटाई होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि खदान राजस्थान विद्युत मंडल को आवंटित होने के बावजूद खुदाई का कार्य अडानी समूह के पास है और इस परियोजना के जरिए निजी हितों के लिए राज्य के वन संसाधनों की बलि दी जा रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हसदेव क्षेत्र में किसी भी नए खदान और पेड़ों की कटाई का विरोध करेगी।
कांग्रेस अध्यक्ष ने राजधानी से लगे मंदिर हसौद क्षेत्र में सामने आए हत्या के मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि पेयजल समस्या को लेकर शिकायत करने वाले व्यक्ति की हत्या का आरोप भाजपा पार्षद पर लगा है। उन्होंने इसे सत्ता के अहंकार और प्रदेश में बिगड़ती कानून-व्यवस्था का उदाहरण बताया। श्री बैज ने कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान करने के बजाय भाजपा जनप्रतिनिधियों पर दबाव, धमकी और हिंसा के आरोप लग रहे हैं।
जनगणना प्रक्रिया को लेकर श्री बैज ने आरोप लगाया कि सरकार वास्तविक आंकड़ों में बदलाव करवाने का दबाव बना रही है। उन्होंने कहा कि यदि किसी परिवार ने उज्ज्वला योजना के बावजूद चूल्हे पर खाना बनाना, शौचालय का अभाव या प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिलने जैसी वास्तविक स्थितियां दर्ज कराई हैं तो उन्हें बदला नहीं जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनगणना के आंकड़ों में किसी भी प्रकार की हेराफेरी गंभीर अपराध है और इससे भविष्य की विकास एवं कल्याणकारी योजनाओं की विश्वसनीयता प्रभावित होगी। कांग्रेस ने ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की चेतावनी दी है।
श्री बैज ने राज्य सरकार द्वारा मीसा बंदियों के परिजनों को पेंशन देने के निर्णय का भी विरोध किया। उन्होंने कहा कि यह सार्वजनिक धन का दुरुपयोग है और इस निर्णय का कोई औचित्य नहीं है। कांग्रेस ने सरकार से इस फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की है।
इस अवसर पर कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला भी मौजूद रहे।
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