देहरादून , अगस्त 29 -- उत्तराखंड के हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष, राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की 8 अगस्त को हुई जनसभा के बाद कथित तौर पर किए गए 'शुद्धिकरण यज्ञ' को लेकर कांग्रेस और भाजपा में लगातार बयानबाजी जारी है। शनिवार को एक बार फिर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल और उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने अलग, अलग संवाददाताओं के सामने भाजपा पर जुबानी हमला किया।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि यह महज एक राजनीतिक विवाद नहीं, बल्कि देश के संविधान, सामाजिक समानता और दलित समाज के सम्मान से जुड़ा गंभीर प्रश्न है। जिस व्यक्ति ने देश के लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित किया, उसके कार्यक्रम के बाद उसी मंच का 'शुद्धिकरण' करना और उसे उचित ठहराना किसी भी सभ्य और लोकतांत्रिक समाज के लिए बेहद आपत्तिजनक है। उन्होंने कहा कि मल्लिकार्जुन खड़गे ने स्वयं राज्यसभा में इस घटना को अपने अपमान और छुआछूत की पीड़ा से जोड़ा था। उस समय सदन के नेता एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता जे.पी. नड्डा ने भी इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए भाजपा का इससे कोई संबंध न होने की बात कही थी और मामले में कार्रवाई एवं जांच का आश्वासन दिया था।

श्री गोदियाल ने सवाल किया कि आखिर जे.पी. नड्डा के आश्वासन के बाद आज तक जांच कहां पहुंची और कार्रवाई क्यों नहीं हुई? उन्होंने कहा कि यदि भाजपा का इस पूरे घटनाक्रम से कोई संबंध नहीं है, तो भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट को इस 'शुद्धिकरण' का बचाव करने की जरूरत क्यों पड़ रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट द्वारा अब यह कहना कि रामलीला मैदान 'दूषित' हुआ था और उसका 'शुद्धिकरण' किया गया, इस पूरे प्रकरण को और गंभीर बना देता है। मीडिया में प्रकाशित उनके बयान के अनुसार उन्होंने इस कार्रवाई को उचित ठहराया है।

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