नैनीताल , अप्रैल 02 -- उत्तराखंड के हल्द्वानी में बहुचर्चित बनभूलपुरा दंगा मामले में मुख्य आरोपी अब्दुल मलिक को गुरुवार को उच्च न्यायालय ने कोई राहत नहीं दी।
अदालत ने आरोपी के खिलाफ दर्ज अन्य मुकदमों के संबंध में अपीलकर्ता से स्थिति स्पष्ट करने को कहा है। आरोपी के जमानत के मामले में अगली सुनवाई 16 अप्रैल को होगी।
बनभूलपुरा दंगा मामले में आरोपी के खिलाफ तीन पृथक पृथक मामले दर्ज हैं। आरोपी के खिलाफ गैर कानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है आरोपी पिछले साल से जेल में बंद है सेशन कोर्ट से आरोपी की जमानत खारिज हो चुकी है।
आरोपी की ओर से तीनों मामलों में अपील दाखिल कर जमानत की मांग की गयी है। तीनों अपील पर आज न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा और न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की खंडपीठ में सुनवाई हुई।
आज सरकार की ओर से खंडपीठ को बताया गया कि जांच में सामने आया है कि दंगा के अलावा आरोपी के खिलाफ सात अन्य मुकदमे भी दर्ज हैं। उन मामलों में क्या फिलहाल क्या स्थिति है यह पता नहीं है।
इसके बाद अदालत ने याचिकाकर्ता को सभी मामलों के संबंध में स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिया। सरकार की ओर से जमानत का विरोध करते हुए कहा गया कि कि आरोप गंभीर हैं और आरोपी पूरे प्रकरण का मुख्य साजिशकर्ता है।
उल्लेखनीय है कि आठ फरवरी 2025 को बनभूलपुरा में मलिक के बगीचे में सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाये जाने के दौरान दंगा भड़क गया था और भीड़ ने पुलिस और प्रशासन की टीम पर पथराव के साथ ही हमला कर दिया था।
बनभूलपुरा थाने को आग के हवाले कर दिया था। इस घटना में पांच लोगों की मौत हो गई थी जबकि कई लोग घायल हो गए थे। इसके बाद पुलिस ने 100 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया था।
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