नैनीताल , मार्च 11 -- उत्तराखंड उच्च न्यायालय में हल्द्वानी दंगा के मुख्य आरोपी अब्दुल मलिक की जमानत के मामले में बुधवार को भी सुनवाई नहीं हो पायी। अब इस प्रकरण पर तीसरी बेंच सुनवाई करेगी।
न्यायमूर्ति रवीन्द्र मैठाणी की अगुवाई वाली पीठ ने आज आरोपी की जमानत पर सुनवाई से इनकार करते हुए मामला दूसरी बेंच को भेज दिया।
हल्द्वानी के बनभूलपुरा दंगा मामले में आरोपी मलिक के खिलाफ तीन पृथक-पृथक मामले दर्ज हैं। तीनों में ग़ैर क़ानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोपी पिछले साल से जेल में है। सत्र न्यायालय से आरोपी की जमानत खारिज हो गई है।
आरोपी की ओर से तीनों मामलों में अलग-अलग जमानत प्रार्थना पत्र दाखिल किया गया है।
मुख्य न्यायाधीश रवीन्द्र मैठाणी और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ साह की खंडपीठ में आज आरोपी के जमानत प्रार्थना पत्रों पर सुनवाई होनी थी लेकिन बेंच ने सुनवाई से इनकार करते हुए उसे अन्य बेंच को भेज दिया। अब इस मामले में नयी बेंच का गठन किया जाएगा।
पिछले 18 फरवरी को वरिष्ठ न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की अगुवाई वाली युगलपीठ भी इस प्रकरण पर सुनवाई से इनकार कर चुकी है। इसके बाद न्यायमूर्ति रवीन्द्र मैठाणी और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ साह की अगुवाई वाली पीठ को यह मामला सौंपा गया था।
उल्लेखनीय है कि पिछले साल आठ फ़रवरी को हल्द्वानी के बनभूलपुरा में मलिक के बगीचे में सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने के दौरान दंगा भड़क गया था। भीड़ ने पुलिस और प्रशासन पर पथराव के साथ ही हमला कर दिया था। दंगाइयों ने बनभूलपुरा थाना को घेर कर आग लगा दिया था। दंगाई हथियार भी लूट कर ले गए थे। इस घटनाक्रम में चार लोगों की मौत जबकि सौ से अधिक लोग घायल हो गए थे। इसके बाद पुलिस ने सौ से अधिक लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
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