नैनीताल , अक्टूबर 30 -- उत्तराखंड में हल्द्वानी दंगा के प्रमुख साजिशकर्ता अब्दुल मलिक के सुपुत्र अब्दुल मोइद ने पुनः उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। उसने सत्र अदालत के आरोप तय करने के निर्णय को चुनौती दी है।न्यायालय में शुक्रवार को इस मामले में सुनवाई नहीं हो पायी। अब इस मामले में नयी बेंच सुनवाई करेगी। आरोपी अब्दुल मोइद पर हल्द्वानी दंगा के आरोप में तीन मामले दर्ज हैं। उस पर गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के तहत भी अभियोग दर्ज है। सत्र अदालत में उसके खिलाफ मामला चल रहा है।

आरोपी ने याचिका दायर कर कहा है कि सत्र अदालत में उसके खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं जो कि गलत है। उसका पक्ष नहीं सुना गया है। यह मामला सुनवाई के लिए आज न्यायमूर्ति रवीन्द्र मैठाणी और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ साह की खंडपीठ के समक्ष सूची बद्ध हुआ लेकिन खंडपीठ ने इस पर सुनवाई से इनकार कर दिया। उसे दूसरे बेंच को भेज दिया। अब इस प्रकरण में सुनवाई के लिए दूसरी बेंच का गठन किया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि पिछले साल 08 फरवरी 2024 को हल्द्वानी में दंगा भड़क गया था। एक समुदाय विशेष के लोगों ने बनभूलपुरा में अब्दुल के बगीचे से सरकारी भूमि पर से अतिक्रमण हटाने के दौरान कथित रूप से सरकारी मशीनरी पर हमला कर दिया था। भीड़ ने दंगा, आगजनी और गोलीबारी के बीच बनभूलपुरा थाना को भी जलाने का प्रयास किया था। इस हादसे में पांच लोगों की मौत हो गयी थी।

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