हल्द्वानी (नैनीताल) , अगस्त 21 -- उत्तराखंड के हल्द्वानी में हुई बहुचर्चित डकैती कांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) डा0 मंजूनाथ टीसी ने शुक्रवार को इस मामले का खुलासा करते हुए बताया कि गत 19 अगस्त को गोरा पड़ाव क्षेत्र में डकैती की घटना सामने आई थी।डायल-112 के माध्यम से लूट की घटना की सूचना मिली थी। 10-12 हथियारबंद बदमाशों ने लूटपाट की घटना को अंजाम दिया है।
सूचना मिलते ही हल्द्वानी हरकत में आई। एक 50 सदस्यीय विशेष टीम गठित की गई। टीम में पुलिस अधीक्षक (अपराध) जगदीश चन्द्र, पुलिस अधीक्षक हल्द्वानी मनोज कत्याल, अपर पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी हल्द्वानी अमित कुमार सैनी, क्षेत्राधिकारी लालकुआं विमल प्रसाद सहित विभिन्न थाना प्रभारी, विशेष अभियान समूह (एसओजी), साइबर टीम और अपराध विशेषज्ञों को शामिल किया गया। बीडीएस डॉग स्क्वायड और क्राइम सीन विशेषज्ञों ने घटनास्थल की गहन जांच की तथा एसएसपी ने खुद मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया।
पुलिस टीमों ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की बारीकी से जांच की, जिसके आधार पर दो संदिग्ध नजर आये। आरोपियों की पहचान वंशप्रीत सिंह उर्फ पन्नू (25) निवासी विथा अकबर, सितारगंज, जनपद ऊधमसिंहनगर तथा रखवीर सिंह (28) निवासी ईश्वरपुर, थाना शीषगढ़, जिला बरेली (उ.प्र.) के रूप में हुई। दोनों को पूछताछ के लिए कोतवाली हल्द्वानी लाया गया।
पूछताछ में सामने आया कि आरोपी किच्छा निवासी यश सिडाना से मिले। आरोपी जुए में लाखों रुपए हारने से आर्थिक तंगी से जूझ रहा था और उसकी मां भी बीमार थी। यश ने बताया कि हल्द्वानी के गोरापड़ाव में बड़े पैमाने पर जुआ खेला जाता है। इसके बाद तीनों ने मिलकर डकैती की योजना बनाई।
तय हुआ कि लूटी गई रकम से यश की जुए की हारी रकम भरी जाएगी और शेष रकम आपस में बांटी जाएगी। इसके बाद उन्होंने इस साजिश में अन्य लोगों को शामिल किया और घटनास्थल की रेकी शुरू की।
पूरी योजनाबद्ध तरीके से नकाबपोशों ने हथियारों के दम पर वादी के कार्यालय में डकैती डाली और नकदी, सोने की चेन और मोबाइल लूटकर फरार हो गए। डिजिटल फुटप्रिंट से बचने के लिए आरोपियों ने लूटे गए मोबाइल फोन रास्ते में ही फेंक दिए।
बरामदगी के आधार पर मुकदमे में धारा 61(2) व 317(3) बीएनएस की बढ़ोतरी की गई है।
श्री मंजूनाथ के अनुसार अपराध को संगठित तरीके से अंजाम देने के आधार पर बीएनएस के नए प्रावधानों के तहत भी कार्रवाई की जाएगी।
एसएसपी के अनुसार रखवीर सिंह का आपराधिक इतिहास है और उसके विरुद्ध कैलाखेड़ा, दिनेशपुर, रूद्रपुर और नानकमत्ता क्षेत्र में संगीन मामलों में पांच मामले दर्ज हैं।
पुलिस वंशप्रीत सिंह का आपराधिक इतिहास खंगाल रही है। आरोपियों के कब्जे से पिस्तौल, तमंचा और 08 जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं।
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