लखनऊ , मार्च 17 -- उत्तर प्रदेश में ट्रॉमा और इमरजेंसी चिकित्सा सेवाओं को सशक्त बनाने के लिए सरकार ने व्यापक योजना तैयार की है। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा है कि राज्य के सभी 18 मंडलों में अत्याधुनिक लेवल-1 ट्रॉमा सेंटर स्थापित किए जाएंगे। साथ ही दुर्घटना संभावित हाईवे चिन्हित कर वहां विशेष ट्रॉमा सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
मंगलवार को किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के अटल बिहारी वाजपेयी साइंटिफिक कन्वेंशन सेंटर में आयोजित कार्यशाला के दौरान उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने बताया कि पांच वर्ष पुराने सभी मेडिकल कॉलेजों में इमरजेंसी मेडिसिन विभाग खोला जाएगा, जिससे गंभीर मरीजों को तुरंत और बेहतर इलाज मिल सके।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी अस्पतालों के एमबीबीएस डॉक्टरों को ट्रॉमा केयर में दक्ष बनाने के लिए छह माह का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस प्रशिक्षण को डिप्लोमा या सर्टिफिकेट के रूप में मान्यता देने का प्रस्ताव भी रखा गया है, ताकि डॉक्टरों की विशेषज्ञता को औपचारिक पहचान मिल सके। प्रशिक्षण अनुभवी विशेषज्ञों द्वारा कराया जाएगा।
उन्होंने नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ के नियमित प्रशिक्षण पर भी जोर देते हुए कहा कि ट्रॉमा केयर में टीमवर्क बेहद जरूरी है। सभी के समन्वय से ही मरीज की जान बचाई जा सकती है।
ब्रजेश पाठक ने डॉक्टरों से मरीजों के प्रति संवेदनशील और सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि इलाज में केवल दवाएं ही नहीं, बल्कि मानवीय संवेदनाएं भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। आयुर्वेद, होम्योपैथी और एलोपैथी के साथ सहानुभूति का समावेश मरीज के शीघ्र स्वस्थ होने में सहायक होता है।
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