पटना , जून 24 -- बिहार श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग सह युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग के मंत्री अरुण शंकर प्रसाद ने बुधवार को कहा कि आगामी तीन महीनों में राज्य के प्रत्येक प्रखंड से तीन-तीन पंचायतों का चयन कर इन्हें बाल श्रम मुक्त बनाने के लिए संपूर्ण अभियान चलाया जाएगा। मंत्री श्री प्रसाद ने आज पटना के बेली रोड स्थित नियोजन भवन के सी-ब्लॉक में छठे तल पर स्थित बिहार राज्य बाल श्रमिक आयोग के नवीकृत कार्यालय का उद्घाटन किया।
इस अवसर पर मंत्री ने कहा कि इस अभियान के तहत आमजन को बाल श्रम मुक्त बिहार बनाने की शपथ दिलाई जाएगी। उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य जनजागरुकता फैलाना, बाल श्रमिकों की पहचान करना और उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़कर उनके भविष्य को संवारना है।
मंत्री ने कहा कि बाल श्रम केवल कानून का उल्लंघन नहीं, बल्कि बच्चों के बचपन, शिक्षा और सम्मानजनक भविष्य पर सीधा आघात है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित वातावरण में शिक्षा प्राप्त करने, स्वस्थ जीवन जीने तथा अपने सपनों को साकार करने का अवसर मिलना चाहिए। हर बच्चे को शिक्षा मिले और कोई भी बच्चा श्रम करने के लिए मजबूर न हो। बच्चे देश के भविष्य हैं और विकसित भारत के निर्माण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने सभी नागरिकों से बाल श्रम उन्मूलन के अभियान में सक्रिय सहभागिता निभाने की अपील की। उन्होंने यह भी दुहराया की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विकसित भारत की परिकल्पना में युवाओं की अहम भागीदारी को उल्लेखित करते हुए कहा है कि किशोर श्रम के बदले राष्ट्र के युवा कौशल को अपनाकर विश्वस्तर पर अपनी पहचान बनाएं। तकनीक, शिक्षा और खेल उनकी प्राथमिकता बने, जिसमें अव्वल होकर हमारे नौनिहाल वैश्विक पहचान बनाएं।
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