समस्तीपुर , अगस्त 13 -- स्वतंत्रता दिवस से पहले 'हर घर तिरंगा' अभियान ने समस्तीपुर जिले की जीविका दीदियों के लिए रोजगार का नया अवसर पैदा किया है।

जिले में विभिन्न सरकारी विभागों, औद्योगिक संस्थानों, सामुदायिक संगठनों और आम नागरिकों की ओर से 80 हजार से अधिक तिरंगे झंडों के ऑर्डर मिले हैं। इन ऑर्डरों को समय पर पूरा करने के लिए 15 सौ से अधिक जीविका दीदियां झंडे तैयार करने में जुटी हैं।

जिले के विभिन्न प्रखंडों में संचालित सिलाई केंद्रों के साथ-साथ जीविका दीदियों के घरों में भी तिरंगे की सिलाई, फिनिशिंग और पैकिंग का काम तेजी से चल रहा है। स्वतंत्रता दिवस पर बड़ी संख्या में मिले ऑर्डर को देखते हुए जीविका समूह से जुड़ी महिलाएं झंडे तैयार करने में लगी हैं।

जीविका दीदियों की ओर से तैयार किए जा रहे प्रत्येक तिरंगे की कीमत 25 रुपये निर्धारित की गई है। महिलाओं द्वारा झंडे की सिलाई से लेकर फिनिशिंग, पैकिंग और ऑर्डर के अनुसार आपूर्ति तक की जिम्मेदारी निभाई जा रही है।

इस पहल से ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को उनके हुनर के अनुरूप रोजगार के साथ-साथ अतिरिक्त आमदनी का अवसर मिल रहा है।

जीविका दीदियों का कहना है कि तिरंगा तैयार करना उनके लिए रोजगार के साथ-साथ देश के प्रति सम्मान और गौरव का विषय है। उनका प्रयास है कि स्वतंत्रता दिवस से पहले सभी ऑर्डर समय पर पूरे कर झंडों की आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।

इस अभियान के माध्यम से समस्तीपुर जिले में एक ओर जहां घर-घर तिरंगा पहुंचाने की तैयारी हो रही है, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण महिलाओं के हुनर को रोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भरता की दिशा में भी कदम बढ़ाया जा रहा है।

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