चंडीगढ़ , मई 23 -- हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश में हर घर तक स्वच्छ पेयजल व सीवरेज सुविधा पहुंचाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। जनस्वास्थ्य विभाग विकसित देशों की तर्ज पर पेयजल व सीवरेज सुविधा देने के लिए अगले 5 साल का लक्ष्य तैयार करे और इसकी कार्ययोजना टाईमलाइन सहित अगली बैठक में प्रस्तुत करे।
शनिवार को हरियाणा सिविल सचिवालय में हरियाणा विजन-2047 के तहत जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग की 5 वर्ष की कार्ययोजना की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने ये निर्देश दिए। उन्होंने शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों, सरकार द्वारा अलॉट 100-100 वर्ग गज प्लाटों और नई अप्रूव्ड कॉलोनियों में पेयजल व सीवरेज सुविधाओं की जानकारी ली।
जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग के आयुक्त एवं सचिव जे गणेशन ने जलापूर्ति कनेक्शन, सीवरेज कनेक्शन, उपचारित अपशिष्ट जल का पुनः उपयोग, सेंट्रलाइज्ड एसटीपी मॉनिटरिंग व एआई सक्षम शिकायत विश्लेषण पर अगले 5 वर्ष का रोडमैप प्रस्तुत किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पीने का पानी जीवन की पहली जरूरत है। हर 5000 की आबादी पर एक वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाने की योजना बनाई जाए। सभी जलघरों को नहरी पानी से आपूर्ति सुनिश्चित हो। 100-100 वर्ग गज के प्लाटों और वैध कॉलोनियों में प्राथमिकता से पेयजल, सीवरेज, बिजली और सड़क सुविधा दी जाए।
उन्होंने भविष्य के स्मार्ट शहरों के लिए 24 घंटे पेयजल आपूर्ति के पायलट प्रोजेक्ट हेतु गुरुग्राम जैसे एक-दो शहरों का चयन करने को कहा, जहां शत-प्रतिशत घरों में मीटर लगे हों। नहरों से जलघरों तक पानी पाइपों से लाने के निर्देश दिए ताकि वाष्पीकरण से बर्बादी रुके।
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