नयी दिल्ली , अक्टूबर 22 -- दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में दिल्ली सरकार यमुना को स्वच्छ, निर्मल और अविरल बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
श्रीमती गुप्ता ने कहा कि सरकार का लक्ष्य हर घर और प्रत्येक सीवर लाइन को सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) से जोड़ना है, ताकि बिना उपचारित गंदा पानी यमुना में नहीं पहुंचे। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने यमुना पुनरुद्धार और जलापूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 8,941.22 करोड़ रुपये की लागत वाली 43 जल एवं सीवरेज परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इनमें 10 परियोजनाओं का उद्घाटन और 33 परियोजनाओं का शिलान्यास शामिल है।
मुख्यमंत्री ने यमुना की सफाई और पुनरुद्धार के लिए लगभग नौ हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं को दिल्ली के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने श्री शाह का दिल्लीवासियों की ओर से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनका मार्गदर्शन और सहयोग राजधानी की समस्याओं के समाधान में नयी ऊर्जा प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने यमुना पुनरुद्धार को सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल किया है। इसी दिशा में नालों को टैप करने, पुराने सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का आधुनिकीकरण करने, नए एसटीपी स्थापित करने, सीवर लाइन बिछाने और सीवरेज नेटवर्क का विस्तार करने पर जोर दिया जा रहा है। इन परियोजनाओं से गंदे पानी का समुचित उपचार सुनिश्चित करने और यमुना में प्रदूषण कम करने में मदद मिलेगी।
उन्होंने बताया कि दिल्ली सरकार ने अपने लगभग डेढ़ वर्ष के कार्यकाल में सीवरेज व्यवस्था मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाये हैं। करीब 3,000 करोड़ रुपये की लागत से 29 विकेंद्रीकृत सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की परियोजनाओं के कार्य आवंटित किए जा चुके हैं। इनकी कुल प्रस्तावित उपचार क्षमता 170 एमजीडी है। इसके अलावा, लगभग 2,000 करोड़ रुपये की लागत से पुराने एसटीपी के सुधार और आधुनिकीकरण का काम किया जा रहा है। इन योजनाओं का उद्देश्य सीवेज उपचार की क्षमता बढ़ाना और दिल्ली के विभिन्न इलाकों से निकलने वाले गंदे पानी को व्यवस्थित तरीके से शोधित करना है, जिससे यमुना में प्रदूषण की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सीवर कनेक्टिविटी बढ़ाने की दिशा में भी काम किया गया है। इसके तहत 54 अनधिकृत कॉलोनियों में लगभग 1.28 लाख लोगों के घरों को सीवर कनेक्शन उपलब्ध कराने का कार्य किया गया है, जबकि 276 कॉलोनियों में सीवर नेटवर्क बिछाने का काम आगे बढ़ाया गया है। उन्होंने बताया कि पिछले एक वर्ष में लगभग 93 किलोमीटर ट्रंक सीवर लाइन की गाद निकालने और सफाई का काम पूरा किया गया है। सरकार का प्रयास है कि सीवर व्यवस्था को व्यवस्थित कर गंदे पानी को नालों के माध्यम से सीधे यमुना में जाने से रोका जाये। उन्होंने कहा कि सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने के लिए संबंधित विभागों को समन्वय के साथ काम करना होगा।
श्रीमती रेखा गुप्ता ने जलापूर्ति के बुनियादी ढांचे के विकास की जानकारी देते हुए बताया कि द्वारका में 50 एमजीडी क्षमता का जल शोधन संयंत्र कार्यरत है। इसके अलावा, चंद्रावल में 105 एमजीडी क्षमता वाले संयंत्र और बवाना में दो एमजीडी क्षमता वाले रीसाइक्लिंग प्लांट से जुड़े कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जलापूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने के लिए बिजवासन, पल्ला, सिरसपुर और रजोकरी में नए भूमिगत जलाशयों का निर्माण पूरा किया जा चुका है। वहीं, संगम विहार, तुगलकाबाद, शाहदरा, चाणक्य प्लेस और जनकपुरी सहित अन्य क्षेत्रों में भी भूमिगत जलाशयों से संबंधित कार्यों को मंजूरी के बाद आगे बढ़ाया गया है। इन प्रयासों से राजधानी में पानी की आपूर्ति और वितरण व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
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