चंडीगढ़ , अक्टूबर 07 -- हरियाणा लगातार तीसरे वर्ष स्वैच्छिक रक्तदान में देश के राज्यों में प्रथम स्थान पर रहा है। राज्य ने 2,000 रक्तदान शिविरों के लक्ष्य के मुकाबले 8,189 शिविर आयोजित कर 5.89 लाख यूनिट रक्त एकत्र किया। इनमें स्वैच्छिक रक्तदान की हिस्सेदारी 92 प्रतिशत रही।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने बुधवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की रक्त आधान सेवा ने वर्ष 2025 में प्रति दस लाख आबादी पर सर्वाधिक रक्तदान दर्ज करने के लिए हरियाणा को सम्मानित किया। राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस के अवसर पर एक अक्टूबर को नई दिल्ली स्थित लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज में आयोजित समारोह में हरियाणा राज्य रक्तदान परिषद को यह पुरस्कार प्रदान किया गया।
डॉ. मिश्रा ने कहा कि लगातार तीन वर्षों तक देश में प्रथम स्थान हासिल करना गौरव की बात है। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय रक्त केंद्रों की टीमों, स्वैच्छिक रक्तदाताओं, युवाओं, गैर सरकारी संगठनों, रेडक्रॉस और अन्य सहयोगी संस्थाओं को दिया।
राज्य ने 3.30 लाख यूनिट के लक्ष्य के मुकाबले 5.89 लाख यूनिट रक्त एकत्र किया। प्रदेश में 162 रक्त केंद्र संचालित हैं, जिनमें 92 प्रतिशत में कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट उपलब्ध हैं। 12 सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में सिंगल डोनर प्लेटलेट्स की सुविधा उपलब्ध है।
स्वास्थ्य विभाग ने रक्त केंद्रों के लिए पहली आपदा प्रबंधन योजना भी तैयार की है। इसका उद्देश्य आपात स्थितियों और आपदाओं के दौरान रक्त की उपलब्धता, सुरक्षा और आपूर्ति सुनिश्चित करना है।
विशेष अभियानों के तहत राज्यव्यापी रक्तदान अभियान से 10,183 यूनिट और गुरु तेग बहादुर जी की शहादत की 350वीं वर्षगांठ से जुड़े अभियानों में 40,224 यूनिट रक्त एकत्र किया गया। डॉ. मिश्रा ने नियमित स्वैच्छिक रक्तदाताओं से रक्तदान जारी रखने और अन्य लोगों को भी प्रेरित करने की अपील की।
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