चंडीगढ़ , अक्टूबर 27 -- हरियाणा सरकार ने चिरायु स्वास्थ्य योजना का दायरा बढ़ाते हुए मध्यम और उच्च आय वर्ग के परिवारों को भी इसमें शामिल करने का फैसला किया है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में शुरू की गई इस पहल के तहत नए प्रावधान एक नवंबर 2026 से लागू होंगे। पात्र परिवारों को सालाना निर्धारित अंशदान पर 5 लाख रुपये तक के कैशलेस उपचार की सुविधा मिलेगी।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि तीन लाख रुपये से अधिक और छह लाख रुपये तक वार्षिक आय वाले परिवारों को 4,000 रुपये सालाना देने होंगे। वहीं छह लाख रुपये से अधिक आय वाले परिवारों के लिए अंशदान 5,000 रुपये प्रति वर्ष निर्धारित किया गया है। आय का सत्यापन परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) के माध्यम से होगा।
योजना में 2,694 उपचार पैकेज शामिल हैं, जिनमें सर्जरी, चिकित्सा उपचार और डे-केयर प्रक्रियाएं शामिल हैं। पहले से मौजूद बीमारियों को भी कवर किया जाएगा। अस्पताल में भर्ती होने से तीन दिन पहले तक की जांच और छुट्टी के बाद 15 दिनों तक के पात्र चिकित्सा खर्च भी इसमें शामिल होंगे।
लाभार्थी देशभर के सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों में उपचार करवा सकेंगे। आवेदन और भुगतान के लिए आधिकारिक पोर्टल उपलब्ध है। कार्ड सरकारी अस्पतालों, सामान्य सेवा केंद्रों और आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से जारी किए जाएंगे। प्रत्येक कार्ड एक वर्ष के लिए एक नवंबर से अगले वर्ष 31 अक्टूबर तक वैध रहेगा।
हालांकि, सीजीएचएस, ईसीएचएस, रेलवे स्वास्थ्य सेवाओं तथा अन्य सरकारी चिकित्सा सुविधाओं के पात्र लाभार्थियों को निर्धारित नियमों के अनुसार योजना से बाहर रखा जाएगा। वहीं, 70 वर्ष या उससे अधिक आयु के पात्र लोगों को भारत सरकार के प्रावधानों के तहत वय वंदना योजना का लाभ मिलेगा।
इससे पहले 1.80 लाख रुपये से अधिक और तीन लाख रुपये तक वार्षिक आय वाले परिवार 1,500 रुपये सालाना अंशदान देकर चिरायु योजना का लाभ उठा रहे थे। सरकार का उद्देश्य अधिक परिवारों को किफायती स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना और महंगे इलाज के आर्थिक बोझ को कम करना है।
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