पंचकूला , जुलाई 28 -- हरियाणा सरकार ने मुख्यमंत्री जनसंवाद पोर्टल पर आने वाली शिकायतों के त्वरित एवं प्रभावी समाधान को लेकर सभी विभागों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के निर्देश पर सभी प्रशासनिक सचिवों को प्रतिदिन शिकायतों की समीक्षा करने, लंबित मामलों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने और पोर्टल पर नियमित रूप से प्रगति अपडेट करने को कहा गया है।

मुख्यमंत्री के ओएसडी कार्यालय की ओर से जारी "अत्यावश्यक/अत्यंत महत्वपूर्ण" पत्र में मंगलवार को कहा गया कि जनसंवाद पोर्टल पर प्राप्त प्रत्येक शिकायत की नियमित निगरानी की जाए। प्रशासनिक सचिव स्वयं इन मामलों की समीक्षा करें और यह सुनिश्चित करें कि शिकायतों का शीघ्र समाधान हो तथा उनकी स्थिति समय-समय पर पोर्टल पर अपडेट की जाए।

सरकार ने यह भी पाया है कि कई मामलों में विभाग शिकायत मिलने के बाद आवेदकों से संपर्क नहीं करते, जिसके कारण एक ही शिकायत बार-बार मुख्यमंत्री के समक्ष पहुंचती है। इसे देखते हुए सभी विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि वे शिकायतकर्ताओं से सक्रिय रूप से संपर्क करें और मामलों का प्रभावी समाधान सुनिश्चित करें, ताकि दोहराव वाली शिकायतों में कमी आए।

निर्देशों में कहा गया है कि एक्शन टेकन रिपोर्ट (एटीआर) स्पष्ट, तथ्यपरक और ठोस होनी चाहिए, क्योंकि इनकी समीक्षा स्वयं मुख्यमंत्री स्तर पर भी की जाती है। सभी विभागों को यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि पोर्टल पर अपलोड की जाने वाली एटीआर संबंधित विभागाध्यक्ष के हस्ताक्षर से जारी हो।

जिन मामलों में शिकायत का समाधान संभव नहीं है, उनमें स्पष्ट कारण दर्ज करते हुए आवेदन को "डिनाइड/नॉट फिजिबल" श्रेणी में रखा जाए और इसकी सूचना आवेदक को भी दी जाए। साथ ही शिकायतों का सही वर्गीकरण किया जाए तथा यदि कोई मामला किसी अन्य विभाग से संबंधित हो तो उसे बिना विलंब संबंधित प्रशासनिक सचिव को भेजा जाए।

सरकार ने यह भी निर्देश दिया कि जांच से जुड़े मामलों में शिकायत की जांच उसी अधिकारी को न सौंपी जाए जिसके विरुद्ध शिकायत की गई है। ऐसे मामलों में निष्पक्षता एवं पारदर्शिता बनाए रखने के लिए स्वतंत्र और वरिष्ठ अधिकारी को जांच की जिम्मेदारी दी जाए।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित