पंचकूला , जुलाई 29 -- हरियाणा सरकार ने विस्तार और अतिथि प्राध्यापकों के सेवा सुरक्षा कानून में संशोधन कर पात्रता की अंतिम तिथि 21 जुलाई 2025 तक बढ़ा दी है तथा 57,700 रुपये मासिक समेकित मानदेय का प्रावधान किया है।
राज्य सरकार ने हरियाणा विस्तार प्राध्यापक एवं अतिथि प्राध्यापक (सेवा की सुनिश्चितता) संशोधन अधिनियम, 2026 अधिसूचित कर दिया है।
संशोधन के तहत पात्रता, सेवा अवधि, मानदेय तथा अनुकंपा सहायता से जुड़े प्रावधानों में बदलाव किए गए हैं। राज्यपाल की 23 जुलाई को मिली स्वीकृति के बाद संशोधन को बुधवार को हरियाणा सरकार के असाधारण राजपत्र में प्रकाशित किया गया।
अधिसूचना के अनुसार, सेवा सुरक्षा के लिए पात्रता की अंतिम तिथि 30 जून 2023 से बढ़ाकर 21 जुलाई 2025 कर दी गई है। इसके साथ ही अधिनियम में सेवा अवधि से संबंधित प्रावधान में संशोधन करते हुए "एक कैलेंडर वर्ष" के स्थान पर "एक वर्ष की संविदात्मक सेवा अवधि के दौरान" शब्दों को प्रतिस्थापित किया गया है।
संशोधित अधिनियम के अनुसार पात्र विस्तार एवं अतिथि प्राध्यापकों को 57,700 रुपये का समेकित मासिक मानदेय मिलेगा। महंगाई भत्ते में वृद्धि के अनुरूप प्रत्येक वर्ष एक जनवरी और एक जुलाई से इस मानदेय में वृद्धि की जाएगी। राज्य सरकार को प्रथम वर्ष की सेवा पूरी होने के बाद प्रतिवर्ष वेतनवृद्धि अधिसूचित करने का अधिकार भी दिया गया है।
अधिनियम की अनुसूची में भी संशोधन किया गया है। इसके तहत राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित नीति के अनुसार पात्र प्राध्यापकों को अनुग्रह वित्तीय सहायता अथवा हरियाणा कौशल रोजगार निगम में अनुकंपा नियुक्ति का प्रावधान किया गया है।
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