शिमला , मार्च 14 -- हरियाणा की दो राज्यसभा सीटों के लिए 16 मार्च को होने वाले चुनाव से पहले क्रॉस-वोटिंग, विधायकों की खरीद-फरोख्त और हॉर्स-ट्रेडिंग की बढ़ती अटकलों के बीच कांग्रेस ने इस राज्य के अपने विधायकों को शिमला के पास पहाड़ी पर्यटन स्थल कुफरी भेज दिया है।

कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच कांग्रेस के कुल 31 विधायकों को शिमला से लगभग 14 किलोमीटर दूर गालू (कुफरी के पास) के 'एडवेंचर रिसॉर्ट' में ठहराया गया है। खबरों के मुताबिक, विधायकों को वाहनों के काफिले में सोलन से पहाड़ियों की ओर ले जाया गया, जिसमें तीन टेम्पो ट्रैवलर और लगभग 10 अन्य कारें शामिल थीं।

सूत्रों ने बताया कि यह कदम पार्टी आलाकमान के निर्देश पर उठाया गया है, ताकि महत्वपूर्ण मतदान से पहले राजनीतिक खरीद-फरोख्त की संभावित कोशिश रोकी जा सके। विधायक फिलहाल कुफरी के एक रिसॉर्ट में ठहरे हुए हैं, जहां सुरक्षा बढ़ा दी गयी है। इन 31 विधायकों के अलावा, दीपेंद्र हुड्डा सहित तीन कांग्रेस सांसद और हरियाणा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष भी वहां पहुंचे हैं।

हरियाणा में राज्यसभा की इस जंग ने काफी राजनीतिक गर्मी पैदा कर दी है। 90 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा के पास 48 विधायक हैं, जबकि कांग्रेस के पास 37 हैं। वरीयता आधारित मतदान प्रणाली के तहत प्रत्येक उम्मीदवार की जीत सुनिश्चित करने के लिए 31 वोटों की आवश्यकता है।

भाजपा उम्मीदवार संजय भाटिया की एक सीट पर आसानी से जीत दर्ज करने की उम्मीद है। दूसरी सीट के लिए हालांकि मुकाबला बेहद दिलचस्प और कड़ा हो गया है। कांग्रेस ने परमवीर सिंह बौद्ध को मैदान में उतारा है और पार्टी को प्रथम वरीयता के वोटों से जीत हासिल करने की उम्मीद है। वहीं, निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल के बारे में माना जा रहा है कि वे भाजपा विधायकों के द्वितीय वरीयता के वोटों के भरोसे हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि आंकड़ों के इस गणित ने ऐसी स्थिति पैदा कर दी है, जहां मतदान के पैटर्न में थोड़ा सा बदलाव भी परिणाम बदल सकता है, जिससे 'क्रॉस-वोटिंग' की आशंकाएं बढ़ गयी हैं। अपने विधायकों को हिमाचल ले जाने के कांग्रेस के फैसले को मतदान के दिन तक अपने कुनबे को एकजुट रखने के एहतियाती कदम के रूप में देखा जा रहा है।

इन घटनाक्रमों ने हिमाचल प्रदेश में 2024 के राज्यसभा चुनाव के दौरान हुए इसी तरह के प्रकरण की यादें ताजा कर दी हैं, जब कांग्रेस विधायकों के क्रॉस-वोटिंग से भाजपा उम्मीदवार के साथ मुकाबला बराबरी पर छूटने के बाद पार्टी उम्मीदवार अभिषेक मनु सिंघवी की हार हुई थी।

इस जत्थे में नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा समेत कांग्रेस के छह विधायक कुलदीप वत्स, विनेश फोगाट, चंद्र मोहन बिश्नोई, मोहम्मद इलियास और टोहाना के विधायक परमवीर सिंह नहीं आये हैं।

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