यमुनानगर , सितंबर 20 -- ऑल हरियाणा पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन ने केंद्र सरकार के 15 अक्टूबर से 2000 रुपये से अधिक के यूपीआई भुगतान पर 0.4 प्रतिशत चार्ज वसूलने के फैसले का कड़ा विरोध किया है। एसोसिएशन ने फैसला लिया है कि 15 अक्टूबर के बाद 2000 रुपये से अधिक का पेट्रोल-डीजल डलवाने पर उपभोक्ताओं से नगद भुगतान ही लिया जाएगा।
यमुनानगर में मीडिया से बातचीत में एसोसिएशन के जिला प्रधान सचिन गुर्जर, उप प्रधान विक्रम सैनी और महासचिव तरुण जिंदल ने कहा कि सरकार के इस आदेश से पेट्रोल पंप संचालकों को भारी नुकसान होगा। पंपों पर अधिकांश भुगतान यूपीआई से होता है और रोजाना 500 से 700 ट्रांजैक्शन होती हैं। इस पर 0.4 प्रतिशत चार्ज लागू होने पर प्रति माह 60 से 70 हजार रुपये का नुकसान होगा, जो उनके मुनाफे को सीधे प्रभावित करेगा।
उन्होंने कहा कि पेट्रोल-डीजल पर कमीशन पहले से ही बहुत कम है। पिछले 9 साल में कमीशन मात्र 30 पैसे बढ़ा है, जबकि महंगाई के हिसाब से हर 6 महीने में इसमें बढ़ोतरी होनी चाहिए। ऐसे में हर ट्रांजैक्शन पर चार्ज देना संभव नहीं है।
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