पंचकूला , जुलाई 27 -- हरियाणा सरकार ने संबद्ध एवं स्वास्थ्य पेशेवरों (एलाइड एंड हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स) की शिक्षा, पंजीकरण, पेशेवर मानकों और सेवाओं के नियमन को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए राष्ट्रीय संबद्ध एवं स्वास्थ्य देखभाल व्यवसाय आयोग अधिनियम, 2021 की धारा-22 के तहत हरियाणा राज्य संबद्ध एवं स्वास्थ्य देखभाल परिषद (एचएसएएचसी) का अंतरिम (एडहॉक) गठन कर दिया है।

यह परिषद स्थायी वैधानिक परिषद के गठन तक कार्य करेगी और राज्य में एलाइड हेल्थ प्रोफेशन से जुड़े विभिन्न पाठ्यक्रमों, संस्थानों और पेशेवर मानकों के नियमन में अहम भूमिका निभाएगी।

चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार पीजीआईएमएस, रोहतक के डॉ सुरेश कुमार सिंघल को परिषद का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग के निदेशक अथवा उनके नामित प्रतिनिधि परिषद के पदेन सदस्य होंगे। इसके अलावा पंडित नेकी राम शर्मा राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय, भिवानी के निदेशक तथा भगत फूल सिंह राजकीय महिला चिकित्सा महाविद्यालय, खानपुर कलां (सोनीपत) की अधिष्ठाता (डीन) को भी पदेन सदस्य बनाया गया है। अधिनियम के तहत स्वायत्त बोर्डों के अध्यक्ष के लिए आरक्षित पद पर नियुक्ति संबंधित बोर्डों के गठन के बाद की जाएगी।

राज्य सरकार ने परिषद में एलाइड हेल्थ क्षेत्र के विभिन्न विषयों का व्यापक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करते हुए 10 मान्यता प्राप्त पेशेवर श्रेणियों से दो-दो विशेषज्ञों सहित कुल 20 सदस्यों को नामित किया है। इनमें मेडिकल लेबोरेटरी एवं लाइफ साइंस, ट्रॉमा, बर्न केयर एवं सर्जिकल/एनेस्थीसिया प्रौद्योगिकी, फिजियोथेरेपी, न्यूट्रिशन साइंस, ऑप्थैल्मिक साइंस, ऑक्यूपेशनल थेरेपी, कम्युनिटी केयर बिहेवियरल हेल्थ साइंस, मेडिकल रेडियोलॉजी इमेजिंग एवं थेरेप्यूटिक टेक्नोलॉजी, मेडिकल टेक्नोलॉजिस्ट एवं बायोमेडिकल उपकरण प्रौद्योगिकी तथा हेल्थ इंफॉर्मेशन मैनेजमेंट एवं हेल्थ इन्फॉर्मेटिक्स जैसे प्रमुख क्षेत्र शामिल हैं।

परिषद में शामिल विशेषज्ञों का चयन पीजीआईएमएस रोहतक, कल्पना चावला राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय करनाल, भगत फूल सिंह राजकीय महिला चिकित्सा महाविद्यालय खानपुर कलां, शहीद हसन खान मेवाती राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय नल्हड़, पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय कुटैल, गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय हिसार, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय तथा अन्य प्रमुख सरकारी चिकित्सा संस्थानों से किया गया है, ताकि विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों का अनुभव परिषद के कामकाज में उपयोग हो सके।

अधिसूचना में यह भी कहा गया है कि मान्यता प्राप्त एलाइड हेल्थ व्यवसायों से जुड़े शिक्षा या स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में कार्यरत धर्मार्थ संस्थानों के दो प्रतिनिधियों का नामांकन बाद में किया जाएगा।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह अंतरिम परिषद स्थायी हरियाणा राज्य संबद्ध एवं स्वास्थ्य देखभाल परिषद के गठन तक कार्य करेगी। परिषद के नामित सदस्यों को किसी प्रकार का अतिरिक्त वेतन, मानदेय अथवा अन्य वित्तीय लाभ नहीं मिलेगा। साथ ही यदि कोई नामित सदस्य परिषद की लगातार तीन बैठकों में अनुपस्थित रहता है तो उसकी सदस्यता स्वतः समाप्त मानी जाएगी।

विशेषज्ञों के अनुसार यह परिषद राष्ट्रीय संबद्ध एवं स्वास्थ्य देखभाल व्यवसाय आयोग अधिनियम, 2021 के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे एलाइड हेल्थ प्रोफेशन से जुड़े पाठ्यक्रमों और पेशेवरों के लिए एक समान मानक विकसित करने, पारदर्शी नियामक व्यवस्था स्थापित करने, पेशेवर गुणवत्ता बढ़ाने तथा राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुदृढ़ बनाने में मदद मिलेगी।

इस संबंध में अधिसूचना चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा द्वारा जारी की गयी है।

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