पंचकूला , जुलाई 25 -- हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शनिवार को उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि प्रदेश में एक स्वायत्त डिजिटल कॉलेज पायलट परियोजना के रूप में शुरू किया जाएगा। इस परियोजना के सफल होने पर अगले वर्ष 10 और ऐसे कॉलेज स्थापित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह संस्थान आधुनिक तकनीक आधारित शिक्षण, डिजिटल मूल्यांकन और व्यक्तिगत अधिगम प्रणाली पर आधारित होगा, जिससे युवाओं को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप शिक्षा मिल सकेगी।
यमुनानगर स्थित गुरु नानक खालसा कॉलेज में आयोजित 'उत्कर्ष-2026' कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 160 मेधावी विद्यार्थियों, खिलाड़ियों और नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले युवाओं को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि किसी युवा के हाथ में नियुक्ति पत्र केवल नौकरी नहीं, बल्कि पूरे परिवार के वर्षों के संघर्ष और सपनों की जीत का प्रतीक होता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार उच्च शिक्षा के विस्तार के साथ उसकी गुणवत्ता सुधारने पर भी विशेष जोर दे रही है। उन्होंने बताया कि अब तक 22 मॉडल संस्कृति महाविद्यालय स्थापित किए जा चुके हैं तथा प्रदेश में युवाओं को घर के आसपास ही उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए लगभग हर 20 किलोमीटर के दायरे में राजकीय महाविद्यालय खोले गए हैं। इसके अलावा पंचकूला में राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान , रोहतक में आईआईएम, उमरी में राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान तथा सोनीपत में आईआईटी दिल्ली का विस्तार केंद्र स्थापित किया गया है।
युवाओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाला समय रोबोटिक्स, सेमीकंडक्टर, ग्रीन टेक्नोलॉजी, डिजिटल इनोवेशन और स्टार्टअप का है। ऐसे में केवल डिग्री हासिल करना पर्याप्त नहीं, बल्कि नई तकनीकों और कौशल को अपनाना भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत-2047 के संकल्प को पूरा करने में युवाओं की प्रतिभा, नवाचार और चरित्र सबसे बड़ी भूमिका निभाएंगे।
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