चंडीगढ़ , जून 23 -- हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश में ऑटो म्यूटेशन प्रणाली और पेपरलेस रजिस्ट्रेशन 2.0 का मंगलवार को शुभारंभ किया। नयी व्यवस्था के तहत अब संपत्ति की रजिस्ट्री होते ही इंतकाल स्वतः दर्ज हो जाएगा और नागरिकों को अलग से आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नयी प्रणाली से रजिस्ट्री और इंतकाल की प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल, पारदर्शी और समयबद्ध बनेगी। नागरिक घर बैठे इंतकाल की स्थिति देख सकेंगे, उसकी प्रति डाउनलोड कर सकेंगे और प्रिंट भी निकाल सकेंगे।
नयी व्यवस्था में आधार आधारित ई-केवाईसी अनिवार्य होगी। रजिस्ट्री प्रक्रिया को अधिक सरल और उपयोगकर्ता अनुकूल बनाया गया है। अब पासपोर्ट की तर्ज पर रजिस्ट्री की अपॉइंटमेंट भी तत्काल श्रेणी में उपलब्ध होगी। डिजिटल हस्ताक्षर, बायोमेट्रिक सत्यापन और क्यूआर कोड आधारित दस्तावेज सत्यापन जैसी सुविधाएं भी जोड़ी गयी हैं।
श्री सैनी ने बताया कि पहले इंतकाल के लिए लोगों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता था और सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे। अब रजिस्ट्री के साथ ही इंतकाल नंबर जारी होगा। जिन मामलों में खेवट विभाजन की जरूरत नहीं होगी, उनमें 24 घंटे के भीतर इंतकाल स्वीकृत कर दिया जाएगा, जबकि अन्य मामलों का निपटान अधिकतम 10 दिनों में होगा।
सरकार के अनुसार प्रदेश में छह लाख से अधिक लंबित इंतकाल मामलों में से करीब चार लाख का निपटान किया जा चुका है। पायलट प्रोजेक्ट के दौरान लगभग 50 हजार इंतकाल स्वतः दर्ज किये गये।
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री विपुल गोयल ने कहा कि नयी व्यवस्था से लोगों को पटवारियों और राजस्व कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। इससे राजस्व प्रशासन अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और नागरिक केंद्रित बनेगा।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित