चंडीगढ़ , अक्टूबर 14 -- हरियाणा सरकार ने मानसिक स्वास्थ्य संस्थानों के पंजीकरण, मरीजों की सुरक्षा और उपचार व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए नया नियामक ढांचा लागू किया है। इसके तहत संस्थानों को छह श्रेणियों में बांटा गया है और स्थायी पंजीकरण के लिए 25 हजार रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि नौ अक्टूबर को अधिसूचित मानसिक स्वास्थ्य देखभाल विनियम, 2026 के तहत मानसिक अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों के मनोरोग विभागों, अस्पतालों के मनोरोग वार्डों, नशा मुक्ति केंद्रों और पुनर्वास संस्थानों को निर्धारित मानकों का पालन करना होगा।
नए नियमों के तहत संस्थानों में पर्याप्त बिस्तर, स्वच्छता, पेयजल, वेंटिलेशन, बिजली की वैकल्पिक व्यवस्था, अग्नि सुरक्षा और जैव-चिकित्सकीय कचरे का सुरक्षित निपटान सुनिश्चित करना होगा। मरीजों को फर्श पर सुलाने पर रोक होगी। संस्थानों को मरीजों की निजता, गरिमा और अधिकारों की रक्षा भी करनी होगी।
मरीज को शारीरिक रूप से रोकने की अनुमति केवल नुकसान की आशंका होने पर निर्धारित चिकित्सकीय मंजूरी के साथ होगी। ऐसी घटनाओं का रिकॉर्ड रखना और संबंधित मामलों की मासिक रिपोर्ट जिला मानसिक स्वास्थ्य समीक्षा बोर्ड को देना अनिवार्य होगा।
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