चंडीगढ़ , जून 12 -- हरियाणा सरकार ने बिजली वितरण व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने के लिए 912.70 करोड़ रुपये की अतिरिक्त अवसंरचना परियोजनाओं को मंजूरी दी है। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में हुई वितरण सुधार समिति (डीआरसी) की बैठक में यह निर्णय लिया गया। प्रस्ताव को अब संशोधित वितरण क्षेत्र योजना (आरडीएसएस) के तहत अंतिम स्वीकृति के लिए पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन और ऊर्जा मंत्रालय को भेजा जाएगा।

बैठक में बताया गया कि हरियाणा की दोनों बिजली वितरण कंपनियों ने एटीएंडसी लॉस में उल्लेखनीय कमी दर्ज की है। डीएचबीवीएन का लॉस 16.93 प्रतिशत से घटकर 9.54 प्रतिशत और यूएचबीवीएन का 17.21 प्रतिशत से घटकर 9.33 प्रतिशत रह गया है, जो 15.04 प्रतिशत के राष्ट्रीय औसत से काफी बेहतर है।

प्रदेश की बिलिंग दक्षता भी बढ़कर 90.12 प्रतिशत हो गई है, जबकि राष्ट्रीय औसत 87.59 प्रतिशत है। संग्रहण दक्षता लगभग 100 प्रतिशत के स्तर पर बनी हुई है।

नए स्वीकृत पैकेज में पलवल और नूंह में लाइन लॉस कम करने के लिए 169 करोड़ रुपये, 30 नए 33 केवी सबस्टेशन स्थापित करने और 72 मौजूदा सबस्टेशनों के उन्नयन के लिए 414 करोड़ रुपये तथा हिसार सहित अन्य शहरों में स्काडा और डिस्ट्रीब्यूशन मैनेजमेंट सिस्टम लागू करने के लिए 329.70 करोड़ रुपये शामिल हैं।

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