चंडीगढ़ , अक्टूबर 23 -- हरियाणा में बिजली कर्मचारियों की तीन दिवसीय हड़ताल के दूसरे दिन शुक्रवार को बिजली और पानी का संकट गहरा गया।

हिसार, फरीदाबाद, कुरुक्षेत्र, सोनीपत और कैथल समेत कई शहरों में बिजली संकट से परेशान उपभोक्ताओं ने शुक्रवार को सड़क जाम कर प्रदर्शन किया। प्रदेश के 23 में से 17 जिलों में ब्लैकआउट जैसे हालात बने हुए हैं। गुरुग्राम में करीब 50 हजार घरों की बिजली गुल होने की सूचना है, जबकि जींद में 35 घंटे से बिजली आपूर्ति ठप बताई जा रही है। बिजली संकट से परेशान लोगों ने हिसार, फरीदाबाद, कुरुक्षेत्र, सोनीपत और कैथल समेत कई शहरों में सड़क जाम कर प्रदर्शन किया।

प्रदेश में करीब 65 लाख घरेलू बिजली कनेक्शन हैं। इनमें से लगभग 10 लाख कनेक्शनों पर हड़ताल का सीधा असर पड़ने का अनुमान है। गुरुग्राम में पिछले 18 घंटों के दौरान शिकायत केंद्रों पर करीब 5,000 शिकायतें पहुंचीं। सेक्टर-37, कादीपुर और बसई के औद्योगिक क्षेत्रों में बिजली कटौती से कई इकाइयों का काम प्रभावित हुआ। सेक्टर-5, 7, 10ए, 52, पालम विहार और दौलताबाद में भी आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी।

फरीदाबाद के एनआईटी-2 क्षेत्र में करीब 13 घंटे बिजली गुल रहने के बाद लोगों ने विरोध जताया। बिजली नहीं होने से पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित हुई। रेवाड़ी में ई-रिक्शा चालकों को बैटरी चार्ज कराने के लिए 200 से 400 रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं।

बिजली की मांग घटने के चलते पानीपत थर्मल पावर प्लांट की यूनिट नंबर 6 और 8 को बंद करना पड़ा। फिलहाल यूनिट नंबर 7 से उत्पादन हो रहा है। 710 मेगावाट की क्षमता के बावजूद करीब 250 मेगावाट बिजली का उत्पादन किया जा रहा है।

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