चंडीगढ़ , मई 15 -- हरियाणा में कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा और गरिमा सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार ने कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न रोकथाम अधिनियम, 2013 (पॉश) के तहत संस्थागत ढांचे को और मजबूत किया है। राज्य ने सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों में पॉश अधिनियम का शत प्रतिश्त अनुपालन अनिवार्य कर दिया है।
महिला एवं बाल विकास विभाग की निदेशक ने बताया कि राज्य सरकार ने कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न के प्रति शून्य-सहिष्णुता की नीति अपनाई है। सभी सरकारी विभागों और 900 से अधिक निजी संगठनों में आंतरिक समितियां गठित की जा चुकी हैं। अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी 22 जिलों में नोडल अधिकारी भी नियुक्त किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि पॉश अधिनियम के तहत गोपनीय, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच का प्रावधान है। नियोक्ताओं को सुरक्षित कार्य वातावरण देने के लिए जवाबदेह बनाया गया है। जमीनी स्तर पर जागरूकता के लिए नियमित संवेदीकरण कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। आंतरिक समितियों और स्थानीय समितियों के सदस्यों का क्षमता निर्माण भी किया जा रहा है।
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