यमुनानगर , अक्टूबर 07 -- हरियाणा सरकार के आंकड़ों से एक चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है । जनवरी 2020 से जनवरी 2026 के दौरान राज्य में 18 से 45 वर्ष की आयु के कुल 17,973 युवाओं की मौत हार्ट अटैक या हार्ट फेलियर के कारण हुई है।

आंकड़ों के अनुसार हरियाणा में रोजाना करीब आठ युवाओं की मौत हार्ट अटैक से हुई है। वर्ष 2020 में 2,394 मौतें, वर्ष 2021 में 3,188 मौतें, वर्ष 2022 में 2,796 मौतें, वर्ष 2023 में 2,886 मौतें, वर्ष 2024 में 3,063 मौतें और 2025 में 3,255 मौतें हुई हैं।जनवरी 2026 में सिर्फ एक महीने में 391 युवाओं की मौत हुई है।

जिलेवार आंकड़ों पर नजर डालें तो यमुनानगर की स्थिति सबसे चिंताजनक है, जहां हर साल औसतन 370 से अधिक युवाओं की मौत हार्ट अटैक से हुई है। इसके मुकाबले हाईटेक सिटी गुरुग्राम में मामलों में गिरावट देखी गई है, जहां आंकड़े 113 से घटकर 83 पर आ गए । रोहतक जिले में यह दर सालाना औसतन 30 से अधिक रही ,जो सबसे कम है।

यमुनानगर की डिप्टी सीएमओ डॉ. दिव्या मंगला ने इस संबंध में पूछे जाने पर बताया कि युवाओं में हार्ट अटैक के बढ़ते मामलों के पीछे मुख्य कारण बदलती जीवनशैली, मानसिक तनाव, जंक फूड, धूम्रपान, शराब का सेवन, शारीरिक सक्रियता की कमी और बढ़ता प्रदूषण है। उन्होंने कहा कि युवा समय पर जांच नहीं कराते और सीने में दर्द, घबराहट जैसे लक्षणों को नजरअंदाज कर देते हैं।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित