चंडीगढ़ , अक्टूबर 17 -- हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश सरकार सड़क, पेयजल, उद्योग और निवेश के माध्यम से विकास को गति दे रही है। सरकार के लगातार तीसरे कार्यकाल के दो वर्ष पूरे होने पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने बुनियादी ढांचे, औद्योगिक नीतियों, सांस्कृतिक विरासत और जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि हांसी को प्रदेश का 23वां जिला बनाया गया है। प्रादेशिक सड़क उत्थान परियोजना के तहत 4,827 करोड़ रुपये की लागत से 9,410 किलोमीटर लंबी 4,227 सड़कों की मरम्मत की गयी। रेवाड़ी बाइपास पर 1,070 करोड़ और पिंजौर बाइपास पर 170 करोड़ रुपये खर्च किए गए। पेयजल व्यवस्था के लिए 1,167 करोड़ रुपये की लागत से 6,718 किलोमीटर पाइपलाइन बिछाई गई। पंचायतों के विकास कार्यों के लिए 3,919 करोड़ रुपये दिए गए।
उन्होंने कहा कि नई औद्योगिक नीति-2026 के तहत पांच वर्षों में पांच लाख करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित करने और 10 लाख रोजगार अवसर सृजित करने का लक्ष्य है। नीति के तहत 1.10 लाख करोड़ रुपये के निवेश के 123 समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर हुए हैं। मुंबई निवेश रोड शो में भी 66,821 करोड़ रुपये के निवेश से जुड़े 17 समझौते किए गए। नई एमएसएमई नीति के तहत 55 हजार करोड़ रुपये से अधिक निवेश और पांच लाख से ज्यादा रोजगार का लक्ष्य रखा गया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि कुरुक्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन केंद्र बनाने के लिए गीता जयंती मेला प्राधिकरण गठित किया गया है। वर्ष 1984 के सिख विरोधी दंगों के पीड़ित परिवारों के 121 परिजनों को नौकरी दी गई है। शहीद सैनिकों के परिवारों को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता तथा शहीदों के बच्चों के लिए छात्रवृत्ति का प्रावधान किया गया है। मीडियाकर्मियों को आपात स्थिति में मिलने वाली आर्थिक सहायता भी 2.5 लाख से बढ़ाकर पांच लाख रुपये करने का निर्णय लिया गया है।
इस अवसर पर शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा, कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा और मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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