चंडीगढ़ , अप्रैल 17 -- ) हरियाणा राज्य चुनाव आयुक्त देवेंद्र सिंह कल्याण ने आगामी स्थानीय निकाय चुनावों के संचालन को स्वतंत्र, निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण बनाने के लिए सामान्य पुलिस और व्यय पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की घोषणा की है। साथ ही आदर्श आचार संहिता के कड़ाई से पालन के निर्देश भी दियेहैं।
आयोग ने भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस), भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) और हरियाणा सिविल सेवा (एचसीएस) के वरिष्ठ अधिकारियों को मानित प्रतिनियुक्ति पर तैनात करते हुए उन्हें अंबाला, पंचकुला, सोनीपत सहित विभिन्न जिलों में चुनाव प्रक्रिया की निगरानी के लिए नियुक्त किया है।
सामान्य पर्यवेक्षक के रूप में नियुक्त वरिष्ठ आईएएस/एचसीएस अधिकारी जमीनी स्तर पर आयोग के प्रतिनिधि होंगे। वे ईवीएम और मतदान कर्मियों के यादृच्छिकीकरण, नामांकन प्रक्रिया और जांच, मतदान केंद्रों पर सुविधाओं की उपलब्धता तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता की सीधे आयोग को रिपोर्टिंग सुनिश्चित करेंगे।
पुलिस पर्यवेक्षक के रूप में वरिष्ठ आईपीएस/एचपीएस अधिकारी कानून व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करेंगे। वे संवेदनशील मतदान केंद्रों का आकलन, पुलिस बल और होम गार्ड की तैनाती, शराब व हथियारों पर प्रतिबंध का पालन तथा रैलियों और लाउडस्पीकर की अनुमति के लिए एकल-खिड़की प्रणाली की देखरेख करेंगे।
व्यय पर्यवेक्षक के रूप में डीईटीसी अधिकारी चुनाव में धन के दुरुपयोग पर नजर रखेंगे। वे उम्मीदवारों के दैनिक खर्च का रिकॉर्ड जांचेंगे अवैध नकदी व प्रलोभनों की आवाजाही रोकने के लिए निगरानी टीमों और उड़न दस्तों के साथ समन्वय करेंगे तथा व्यय सीमा का पालन सुनिश्चित करेंगे।
सभी पर्यवेक्षक 13 मई को मतगणना पूरी होने तक अपने-अपने जिलों में तैनात रहेंगे। आम जनता की सुविधा के लिए उनके संपर्क विवरण और पते स्थानीय समाचार पत्रों व जिला प्रशासन की वेबसाइटों पर जारी किए जाएंगे ताकि नागरिक और उम्मीदवार आचार संहिता उल्लंघन की शिकायत सीधे दर्ज कर सकें।
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