चंडीगढ़ , सितंबर 03 -- हरियाणा सरकार डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को तेजी से अपनाकर मरीजों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुगम, समन्वित और सुलभ बनाने पर जोर दे रही है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने गुरुग्राम में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) मॉडल जिला और स्वास्थ्य संस्थानों पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यशाला में यह बात कही।

उन्होंने कहा कि डिजिटल स्वास्थ्य व्यवस्था केवल तकनीक या संस्थानों के पंजीकरण तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। इसका अंतिम उद्देश्य मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक सुविधा उपलब्ध कराना है। एबीडीएम मरीजों और स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं के बीच सुरक्षित डिजिटल संपर्क स्थापित करने के साथ विभिन्न संस्थानों के बीच स्वास्थ्य संबंधी जानकारी के समन्वय में मदद करता है।

डॉ. मिश्रा ने बताया कि हरियाणा में एबीडीएम के तहत 1.92 करोड़ से अधिक एबीएचए आईडी बनाई जा चुकी हैं, जो राज्य की अनुमानित आबादी का करीब 65 प्रतिशत है। लगभग 98 प्रतिशत सरकारी स्वास्थ्य सुविधाएं और लक्षित सरकारी डॉक्टरों में से 90 प्रतिशत से अधिक स्वास्थ्य सुविधा रजिस्ट्री और स्वास्थ्य सेवा पेशेवर रजिस्ट्री में पंजीकृत हैं।

उन्होंने निजी अस्पतालों, स्वास्थ्य संस्थानों और डॉक्टरों से भी एबीडीएम से जुड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि इसकी सफलता के लिए सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों की भागीदारी जरूरी है। अगले दो महीनों में जिला स्तरीय कार्यशालाएं आयोजित कर जमीनी स्तर की समस्याओं का समाधान किया जाएगा।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित