चंडीगढ़ , जुलाई 22 -- हरियाणा के खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने 'सुरक्षित भोजन स्वस्थ भारत' अभियान के तहत राज्यभर के खाद्य विक्रेताओं के लिए खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता संबंधी आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के प्रावधानों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन आयुक्त मनोज कुमार ने कहा कि इन निर्देशों का उद्देश्य लोगों को खाद्य जनित बीमारियों से बचाना और भोजन की गुणवत्ता में सुधार करना है। उन्होंने कहा कि सुरक्षित और स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराना हर खाद्य विक्रेता की जिम्मेदारी है तथा इससे उपभोक्ताओं का विश्वास भी मजबूत होता है।
उन्होंने बताया कि भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के नियमों के पालन की निगरानी के लिए खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की तैनाती की गई है। यह निर्देश स्ट्रीट फूड विक्रेताओं, रेहड़ी-पटरी संचालकों, रेस्तरां, ढाबों, खाद्य दुकानों और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों पर लागू होंगे।
दिशा-निर्देशों के अनुसार बिक्री के लिए रखे गए सभी खाद्य पदार्थों को स्वच्छ खाद्य-ग्रेड जाली से ढककर रखना अनिवार्य होगा, ताकि भोजन धूल, मक्खियों और अन्य दूषित तत्वों से सुरक्षित रहे। खुले में बिना सुरक्षा के भोजन प्रदर्शित करने की अनुमति नहीं होगी।
इसके अलावा भोजन तैयार करने में केवल स्वच्छ पेयजल का उपयोग, एप्रन, टोपी और दस्ताने पहनना, कच्चे और पके भोजन को अलग-अलग रखना तथा बर्तनों, उपकरणों और कार्यस्थलों की नियमित सफाई व कीटाणुशोधन सुनिश्चित करना होगा। सभी खाद्य विक्रेताओं को अपना एफएसएसएआई पंजीकरण प्रमाण पत्र प्रमुख स्थान पर प्रदर्शित करना भी अनिवार्य किया गया है।
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