पंचकूला , अगस्त 06 -- हरियाणा सरकार ने एक अगस्त, 2026 से राज्य में कलेक्टर रेट आधारित नई प्रॉपर्टी टैक्स असेसमेंट प्रणाली लागू कर दी है। हालांकि, संपत्ति मालिकों को 31 अगस्त तक पुरानी व्यवस्था के तहत प्रॉपर्टी टैक्स जमा करने का अंतिम अवसर दिया गया है। इसके बाद सभी संपत्तियों पर कलेक्टर रेट आधारित नई व्यवस्था अनिवार्य हो जाएगी।

नगर निगम पंचकूला के आयुक्त विनय कुमार ने गुरुवार को पत्रकार वार्ता में बताया कि सरकार ने वर्ष 2010-11 से 2024-25 तक के बकाया प्रॉपर्टी टैक्स पर देय ब्याज में 75 प्रतिशत की छूट देने का निर्णय लिया है। यह राहत केवल उन संपत्ति मालिकों को मिलेगी जो 31 अगस्त, 2026 तक अपनी पूरी बकाया राशि जमा कर देंगे।

आयुक्त ने स्पष्ट चेतावनी दी कि निर्धारित समय सीमा के भीतर बकाया कर जमा नहीं करने वालों के खिलाफ संपत्तियों की सीलिंग सहित कानून के अनुसार वसूली और अन्य कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी।

उन्होंने बताया कि नगर निगम ने 5 जून, 2026 को दो लाख रुपये से अधिक प्रॉपर्टी टैक्स बकाया रखने वाले करीब 750 संपत्ति मालिकों को पहला नोटिस जारी किया था। इसके बावजूद 684 डिफॉल्टर अब तक बकाया जमा नहीं कर पाए हैं। इसलिए 6 अगस्त को इन सभी को दूसरा नोटिस जारी कर दिया गया है।

आयुक्त के अनुसार, 608 निजी संपत्तियों पर दो-दो लाख रुपये से अधिक के बकाया के साथ कुल लगभग 25 करोड़ रुपये का प्रॉपर्टी टैक्स लंबित है। वहीं 76 सरकारी संपत्तियों पर भी दो लाख रुपये से अधिक का बकाया है, जिन पर कुल करीब 11 करोड़ रुपये का टैक्स देय है।

उन्होंने सभी संपत्ति मालिकों से अपील की कि वे 31 अगस्त से पहले बकाया राशि जमा कर 75 प्रतिशत ब्याज छूट का लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि समय पर प्रॉपर्टी टैक्स जमा होने से शहर में सड़कों, सफाई व्यवस्था, स्ट्रीट लाइट, पार्कों और अन्य नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध होते हैं।

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