चंडीगढ़ , अक्टूबर 22 -- हरियाणा में ऐतिहासिक स्थलों को जोड़कर नया कॉरिडोर विकसित किया जाएगा, ताकि आमजन और आने वाली पीढ़ियों को प्रदेश की गौरवशाली विरासत तथा स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान की जानकारी मिल सके। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को इस संबंध में विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने बृहस्पतिवार को हरियाणा सिविल सचिवालय में हरियाणा विजन-2047 के तहत पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग की पांच वर्षीय कार्ययोजना की समीक्षा की। योजना के तहत प्रदेश की लगभग 10 हजार साल पुरानी विरासत की खोज, संरक्षण और प्रचार पर जोर दिया जाएगा। वर्तमान में प्रदेश में 72 संरक्षित स्मारक हैं, जिनकी संख्या वर्ष 2031 तक 120 से अधिक करने का लक्ष्य है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 1857 के स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े अंबाला और अन्य जिलों के ऐतिहासिक स्थलों को संरक्षित कर कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जाए। इससे लोगों को स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास से परिचित कराया जा सकेगा।
विभाग की योजना के अनुसार, प्रदेश में 21 नए पुरातात्विक स्थलों पर खुदाई की जाएगी। पहले चरण में 2026-27 के दौरान हिसार जिले के सीसवाल में खुदाई होगी। इसके बाद खरड़ अलीपुर में काम किया जाएगा। वर्ष 2029 से 2031 के बीच बालू, जोगना खेड़ा, तिगड़ाना और राखीगढ़ी में प्राथमिकता के आधार पर स्थलों का चयन होगा।
योजना के तहत पानीपत संग्रहालय, जहाज कोठी संग्रहालय हिसार, दीनबंधु सर छोटूराम संग्रहालय गढ़ी सांपला, जयंती देवी संग्रहालय जींद, भीमा देवी मंदिर संग्रहालय पिंजौर और गुरु गोबिंद सिंह मार्शल आर्ट संग्रहालय कपाल मोचन का नवीनीकरण किया जाएगा। इसके अलावा पंचकूला, राखीगढ़ी, कुरुक्षेत्र, झज्जर और कुनाल सहित विभिन्न स्थानों पर नए संग्रहालय विकसित करने की योजना है।
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