चंडीगढ़ , मई 22 -- हरियाणा सरकार ने सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों की कार्यप्रणाली में बड़ा बदलाव करने का फैसला लिया है। राज्य में अब संशोधित एसीआर (वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट) फ्रेमवर्क और डिजिटल परफॉर्मेंस मॉनिटरिंग सिस्टम लागू किया जाएगा। इसके तहत कर्मचारियों के कामकाज की निगरानी डिजिटल तरीके से होगी।

मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, बोर्ड-निगमों, विश्वविद्यालयों और जिला प्रशासन को इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं। नई व्यवस्था के तहत पारंपरिक एसीआर प्रणाली को चरणबद्ध तरीके से पूरी तरह डिजिटल बनाया जाएगा। विभागवार नए एसीआर प्रारूप तैयार होंगे, जिनमें कर्मचारियों के कार्य, उपलब्धियां और प्रदर्शन को परिणाम आधारित तरीके से दर्ज किया जाएगा।

सरकार ने सभी विभागों से उन अधिकारियों और कर्मचारियों की सूची मांगी है, जिनके स्तर पर सबसे अधिक एसीआर लंबित हैं। इसका उद्देश्य लंबित मामलों को खत्म कर जवाबदेही और समयबद्ध मूल्यांकन सुनिश्चित करना है।

निर्देशों के अनुसार अप्रैल 2027 से मैनुअल एसीआर प्रणाली पूरी तरह बंद कर दी जाएगी। इसके बाद सभी मूल्यांकन डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए होंगे। एनआईसी या नामित तकनीकी टीम ऑनलाइन प्लेटफॉर्म तैयार करेगी, जिसे एचआरएमएस पोर्टल से जोड़ा जाएगा। इससे कर्मचारियों के कार्य का रियल टाइम आकलन संभव होगा।

मुख्य सचिव की वेबसाइट पर "ऑनर बोर्ड" भी बनाया जाएगा, जिसमें कर्मचारियों की प्रदर्शन आधारित रैंकिंग दिखाई जाएगी। यह व्यवस्था राज्य, जिला और खंड स्तर तक लागू होगी। इसमें उत्कृष्ट और कमजोर प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों की रैंकिंग भी प्रदर्शित की जाएगी।

सरकार का मानना है कि नई डिजिटल एसीआर प्रणाली से प्रशासनिक दक्षता, पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी, साथ ही कर्मचारियों में बेहतर कार्य संस्कृति और प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा मिलेगा।

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