चंडीगढ़ , जून 7 -- हरियाणा ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज करते हुए पिछले एक दशक में शिशु मृत्यु दर (आईएमआर) में 40 प्रतिशत से अधिक की कमी हासिल की है। सैंपल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (एसआरएस) 2024 रिपोर्ट के अनुसार राज्य में शिशु मृत्यु दर प्रति 1,000 जीवित जन्मों पर 41 से घटकर 24 रह गई है।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार पिछले पांच वर्षों में भी आईएमआर 28 से घटकर 24 हुई है, जो लगभग 14 प्रतिशत की कमी को दर्शाती है। नवीनतम आंकड़ों के साथ हरियाणा राष्ट्रीय औसत के बराबर पहुंच गया है। विभाग का कहना है कि स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे के विस्तार, नवजात शिशु देखभाल सेवाओं की मजबूती और मातृ स्वास्थ्य कार्यक्रमों में निरंतर निवेश से यह सुधार संभव हुआ है।

रिपोर्ट के अनुसार 5 वर्ष से कम आयु के बच्चों की मृत्यु दर (यू5एमआर) भी 2013 के 45 से घटकर 31 हो गई है। राज्य में विशेष नवजात देखभाल इकाइयों (एसएनसीयू), नवजात स्थिरीकरण इकाइयों, पोषण पुनर्वास केंद्रों, कंगारू मदर केयर सुविधाओं तथा जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम जैसी योजनाओं को मजबूत किया गया है।

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