चंडीगढ़ , सितंबर 03 -- हरियाणा ने राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के तहत वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में अब तक का सबसे बेहतर प्रदर्शन दर्ज किया है। स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने बताया कि राज्य में राष्ट्रीय औसत से करीब साढ़े चार गुना अधिक बच्चों को इलाज और फॉलो-अप देखभाल उपलब्ध कराई जा रही है।
अप्रैल से जून 2026 के दौरान राज्य की 211 मोबाइल हेल्थ टीमों ने 22 जिलों के आंगनवाड़ी केंद्रों और सरकारी स्कूलों में 11.19 लाख बच्चों की स्वास्थ्य जांच की। इस दौरान 425 बच्चों की सुधारात्मक सर्जरी हुई, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि की 323 सर्जरी की तुलना में 31.6 प्रतिशत अधिक है।
इनमें 203 बच्चों के जटिल हृदय रोग की सर्जरी, 31 बच्चों के जन्मजात मोतियाबिंद के ऑपरेशन, पांच कॉक्लियर इंप्लांट, 55 बच्चों को सुनने की मशीन, 75 बच्चों के कटे होंठ और तालु की सर्जरी तथा 182 बच्चों के क्लबफुट का पोंसेटी विधि से उपचार शामिल है। 25 शिशुओं को अंधेपन से बचाने के लिए लेजर उपचार भी दिया गया।
जिला प्रारंभिक हस्तक्षेप केंद्रों में फॉलो-अप विजिट 15,154 से बढ़कर 22,788 हो गईं, यानी 50.4 प्रतिशत वृद्धि दर्ज हुई। राज्य के 22 में से 20 जिलों ने प्रदर्शन में सुधार किया है।
मंत्री ने बताया कि 2025-26 में शुरू किए गए विकेंद्रीकृत जांच शिविर, सर्जरी के लिए मानक संचालन प्रक्रिया और रेफरल-ट्रैकिंग पोर्टल से उपचार व्यवस्था मजबूत हुई है। पिछले एक दशक में मोबाइल हेल्थ टीमों ने 3.02 करोड़ बच्चों की स्क्रीनिंग की, जिनमें 92.01 लाख में स्वास्थ्य समस्याएं मिलीं और 45.31 लाख बच्चों को विशेषज्ञ उपचार मिला।
उन्होंने कहा कि सरकार हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण और मुफ्त स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित