चंडीगढ़ , अप्रैल 08 -- हरियाणा मंत्रिमंडल ने बुधवार को एक बड़ा फैसला लेते हुए राज्य की सरकारी नौकरियों में अग्निवीरों को 20 प्रतिशत आरक्षण देने को मंजूरी दी।

आधिकारिक जानकारी के अनुसार अग्निवीरों को अग्निवीर पॉलिसी, 2024 में संशोधन करते हुए फॉरेस्ट गार्ड, वार्डर और माइनिंग गार्ड जैसे पदों में मिलने वाले हॉरिजेंटल आरक्षण को 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत कर दिया है। सरकार का मानना है कि अग्निवीरों के पास सैन्य प्रशिक्षण, अनुशासन और फील्ड का अनुभव होता है, जिसका उपयोग सुरक्षा से जुड़े विभागों में बेहतर तरीके से किया जा सकता है।

मंत्रिमंडल ने अकुशल श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी बढ़ाने के फैसले को मंजूरी दी है। अब न्यूनतम मजदूरी 11,257 से बढ़ाकर 15,220 रुपये प्रतिमाह कर दी जाएगी। यह बढ़ोतरी वर्ष 2026-27 से लागू होगी और इससे लाखों श्रमिकों को आर्थिक मजबूती मिलने की उम्मीद है।

सरकार ने वृद्धजनों के लिए भी एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। रिटायरमेंट हाउसिंग पॉलिसी में संशोधन करते हुए हाउसिंग कॉलोनियों में फ्लोर एरिया रेशियो को 2.25 से बढ़ाकर 3.0 कर दिया गया है। इससे रिटायरमेंट हाउसिंग प्रोजेक्ट्स में ज्यादा निर्माण संभव होगा और बुजुर्गों के लिए बेहतर सुविधाएं विकसित की जा सकेंगी।

महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए राशन डिपो आवंटन में 33 प्रतिशत आरक्षण लागू किया गया है। इस आरक्षण में एसिड अटैक पीड़ित महिलाओं, विधवा महिलाओं और स्वयं सहायता समूहों को प्राथमिकतादी जाएगी। साथ ही, सरकार ने नियमों में बदलाव करते हुए यह भी तय किया है कि अब राशन डिपो का नया लाइसेंस 300 राशन कार्ड के बजाय 500 राशन कार्ड पर दिया जाएगा। डिपो धारक की अधिकतम आयु 60वर्ष तय की गयी है, जिसे अच्छे कार्य के आधार पर पांच साल तक बढ़ाया जा सकता है। यदि डिपो धारक का निधन हो जाता है तो उसके कानूनी वारिस को डिपो आवंटित करने का प्रावधान भी किया गया है।

इसके अलावा, मंत्रिमंडल ने हरियाणा विलेज कॉमन लैंड्स (रेगुलेशन) नियम, 1964 में संशोधन करते हुए नया नियम 5ए जोड़ने को मंजूरी दी है। इस संशोधन के तहत उन प्रोजेक्ट को राहत दी जाएगी, जिनके पास सीएलयू या लाइसेंस लेने के लिए पर्याप्त रास्ता उपलब्ध नहीं है। इसके लिए शर्त रखी गयी है कि प्रोजेक्ट मालिक को अपने क्षेत्र का पांच प्रतिशत या पंचायत द्वारा तय जमीन के चार गुना के बराबर भूमि देनी होगी, जो भी अधिक हो। यह जमीन विकसित रूप में और सार्वजनिक सुविधाओं तक पहुंच के साथ उपलब्ध करानी होगी।

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