चंडीगढ़ , मार्च 18 -- हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बजट सत्र 2026-27 की समाप्ति के बाद कहा कि सत्र सफलतापूर्वक संपन्न हुआ और इसमें जनहित के मुद्दों पर व्यापक चर्चा हुई। सत्र 20 फरवरी को राज्यपाल के अभिभाषण से शुरू होकर 13 दिनों तक चला, जिसमें 13 बैठकें आयोजित हुईं और कुल 55 घंटे चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री ने बताया कि दो मार्च को प्रस्तुत बजट पर 10 घंटे तीन मिनट तक विचार-विमर्श हुआ। विपक्ष के सात सदस्यों ने दो घंटे 47 मिनट और सत्ता पक्ष के 15 सदस्यों ने छह घंटे 47 मिनट तक अपनी बात रखी, जबकि निर्दलीय सदस्यों ने भी भागीदारी की।
सत्र के दौरान तीन अहम प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किये गये, जिनमें आवासन बोर्ड को भंग करना, सफाई कर्मचारी नियोजन एवं शुष्क शौचालय निर्माण अधिनियम 1993 को निरस्त करना और जीएसटी ढांचे में संशोधन शामिल हैं। इसके अलावा 'विकसित भारत जी-राम' योजना पर भी चर्चा हुई।
धान खरीद, गन्ने की घटती पैदावार और आयुष्मान भारत योजना के तहत निजी अस्पतालों की सेवाएं बंद करने जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई। सदन में कुल आठ विधेयकों पर विचार हुआ, जिनमें विनियोग विधेयक, पुलिस संशोधन, ट्रैवल एजेंट पंजीकरण और नगरीय विकास से जुड़े विधेयक शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत के प्राकृतिक खेती पर दिये व्याख्यान को भी महत्वपूर्ण बताया।
राज्य सभा चुनाव पर उन्होंने कहा कि प्रक्रिया लोकतांत्रिक रही और उनके प्रत्याशी संजय भाटिया की जीत हुई। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी की भूमिका सत्र में निराशाजनक रही और उसमें स्पष्ट नीति और दिशा का अभाव है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित