पंचकूला , जुलाई 25 -- हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शुक्रवार को यहां प्लाईवुड उद्योग के प्रतिनिधियों से बातचीत करते हुए रोजगार सब्सिडी, निर्यात सहायता और सस्ती औद्योगिक भूमि सहित औद्योगिक प्रोत्साहनों की नई श्रृंखला की घोषणा की। उन्होंने यमुनानगर को हरियाणा ही नहीं, बल्कि पूरे भारत की प्लाईवुड राजधानी बताया।
सैफायर होटल में बोलते हुए श्री सैनी ने कहा कि वित्त वर्ष 2023-24 में हरियाणा का कुल औद्योगिक उत्पादन 11.08 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया। उन्होंने स्थानीय उद्यमियों की बढ़ती वैश्विक पहुंच का उल्लेख करते हुए बताया कि यमुनानगर के राजेश कुमार, निखिल गर्ग और शिव कुमार ने तंजानिया के मफिंगा क्षेत्र में ग्रीन इम्पेक्स लिमिटेड नामक प्लाईवुड निर्माण इकाई स्थापित की है, जो दार-एस-सलाम अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में सहभागिता के बाद संभव हुआ।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट 2026-27 के तहत औद्योगिक क्षेत्रों के कायाकल्प के लिए 500 करोड़ रुपये का सक्षम फंड स्थापित किया गया है, जिसकी शुरुआत यमुनानगर से होगी। महंगी औद्योगिक भूमि की समस्या से निपटने के लिए लैंड ऑन लीज़ पॉलिसी लाई गई है, जिसके तहत उद्योग लंबी अवधि की लीज पर प्लॉट ले सकेंगे, जिन्हें बाद में फ्रीहोल्ड में बदलने का विकल्प भी होगा।
रोजगार के मोर्चे पर, स्थानीय युवाओं को रोजगार देने वाले उद्योगों को 10 वर्षों तक प्रति कर्मचारी प्रतिवर्ष एक लाख रुपये की रोजगार सृजन सब्सिडी मिलेगी, जबकि महिलाओं, अनुसूचित जाति, दिव्यांगजनों और अग्निवीरों को रोजगार देने पर यह राशि 1.20 लाख रूपयक होगी। हरियाणा कौशल रोजगार निगम के माध्यम से भर्ती करने वाले उद्योगों को नियोक्ता और कर्मचारी दोनों के ईपीएफ अंशदान की पूरी प्रतिपूर्ति की जाएगी।
कैबिनेट की मंजूरी की प्रतीक्षा कर रही नई एमएसएमई नीति के प्रस्तावित मसौदे में निर्यात फ्रेट सब्सिडी की सीमा 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 30 लाख रुपये प्रति यूनिट प्रतिवर्ष करने का प्रस्ताव है। 80 प्रतिशत से अधिक उत्पादन निर्यात करने वाली इकाइयों को प्रस्तावित उड़ान द्वार पोर्टल पर विशेष पहचान दी जाएगी, जिससे वे अंतरराष्ट्रीय खरीदारों से आसानी से जुड़ सकेंगी। मसौदे में मुख्यमंत्री व्यापारी क्षतिपूर्ति योजना का दायरा बढ़ाकर छोटे व्यापारियों और एमएसएमई को आग, चोरी और प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान से बीमा सुरक्षा देने का भी प्रस्ताव है।
व्यापार को आसान बनाने के लिए, भूमि व्यवहार्यता प्रमाण पत्र () अब 45 कार्य दिवसों में जारी होंगे। प्रोत्साहन राशि के आवेदनों पर प्रारंभिक जांच के बाद 7 कार्य दिवसों में 50 प्रतिशत राशि तथा विस्तृत सत्यापन के बाद 45 दिनों में शेष राशि जारी की जाएगी। यदि विभाग की ओर से भुगतान में देरी होती है, तो उद्यमियों को 8 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दिया जाएगा।
धातु उद्योग के लिए, मुख्यमंत्री ने बताया कि मानकपुर मेटल एंड जनरल पार्क का नया लेआउट तैयार किया गया है, जिसमें 250, 312 और 450 वर्ग मीटर के 900 से अधिक प्लॉट होंगे, जबकि पहले केवल 204 बड़े प्लॉट (450 वर्ग मीटर या अधिक) उपलब्ध थे। यह संकल्प पत्र में जगाधरी के धातु उद्योग को पुनर्जीवित करने के किए गए वादे को पूरा करता है। धातु उद्योग के लिए एक अलग प्रोत्साहन पैकेज पर भी काम चल रहा है।
श्री सैनी ने कहा कि 1 जून 2026 से लागू नई औद्योगिक नीति इन सभी उपायों का आधार बनी है।
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