चंडीगढ़ , अप्रैल 23 -- हरियाणा राज्य चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि नगर निगम व अन्य निकाय चुनावों में आरक्षण का लाभ केवल हरियाणा में मान्य जाति प्रमाण पत्र के आधार पर ही मिलेगा। अन्य राज्यों द्वारा जारी अनुसूचित जाति तथा पिछड़ा वर्ग के प्रमाण पत्र राज्य में आरक्षण के लिए स्वीकार नहीं किए जाएंगे।

आयोग के प्रवक्ता ने गुरुवार को कहा कि इस विषय पर 14 फरवरी 2025 को सभी उपायुक्तों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए जा चुके हैं। बावजूद इसके विभिन्न जिलों से लगातार स्पष्टीकरण मांगे जा रहे थे, जिसके चलते इन निर्देशों को दोबारा सभी जिलों में भेजा गया है ताकि अधिकारी नियमों को स्पष्ट रूप से समझकर उनका सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित कर सकें।

प्रवक्ता ने यह भी कहा कि विवाह के आधार पर भी आरक्षण की पात्रता नहीं मिलेगी। यदि कोई महिला अन्य राज्य की है, तो वह केवल हरियाणा में विवाह होने के आधार पर आरक्षित श्रेणी का लाभ नहीं उठा सकती, भले ही उसकी जाति हरियाणा की सूची में शामिल हो।

आयोग ने सभी रिटर्निंग अधिकारियों और सहायक रिटर्निंग अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि नामांकन पत्रों की जांच के दौरान इन नियमों का कड़ाई से पालन किया जाए। आयोग का कहना है कि यह कदम चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी और नियमों के अनुरूप बनाए रखने के लिए जरूरी है।

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